राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब विवाद और गहरा गया है। पहली बार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर से आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव पर है। उनका आरोप है कि गोपाल राव राजनीति कर रहे हैं और लोगों को उलझाने का काम करते हैं। महंत दिनेंद्र दास ने यह भी कहा कि वह राम की परंपरा का पालन नहीं करते हैं।
चढ़ावा चोरी मामले को लेकर गुरुवार को अयोध्या में 500 से ज्यादा वकील सड़कों पर उतर आए। वकीलों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सिविल लाइन चौकी पहुंचकर 4 लोगों के खिलाफ शिकायत सौंपी। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ऐसे मकानों की पहचान शुरू कर दी है, जिनके निर्माण में नियमों का पालन नहीं किया गया है या जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं है। बताया जा रहा है कि आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज स्थित मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशलपुरी स्थित घर प्रशासन की जांच के दायरे में हैं। इन मकानों को लेकर नोटिस जारी किए जाने की तैयारी चल रही है।अनिल मिश्रा से पूछताछ संभव
मामले की जांच कर रही टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस पहले ही आरोपी अविनाश शुक्ला से जेल में पूछताछ कर चुकी है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी करीब 3 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। अब जांच एजेंसियां ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों की नियुक्ति में उनकी क्या भूमिका रही थी।
कैसे सामने आया मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल का गठन किया। 25 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।जांच पर टिकी निगाहें
देशभर की नजरें अब इस मामले की जांच पर टिकी हैं। जांच एजेंसियां चढ़ावे की राशि, नियुक्तियों और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।