कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 2 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों ने अपनी नागरिकता की जानकारी छिपाकर सरकारी दस्तावेज बनवा लिए थे। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने उनके राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र रद्द कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फराह नाज और उनके बेटे मोहम्मद फर्दीन के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जांच अभी जारी है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।
पहचान छिपाकर बनवाए थे सरकारी दस्तावेज
जांच में पता चला कि बागेपल्ली निवासी मोहम्मद अयूब खान ने संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज से विवाह किया था। इसके बाद परिवार भारत में आकर रहने लगा। पुलिस के अनुसार, दंपती के 4 बच्चे हैं। इनमें मोहम्मद फर्दीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। जबकि अयूब खान और उनके 3 अन्य बच्चे भारतीय नागरिक हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फराह नाज और मोहम्मद फर्दीन ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता की जानकारी छिपाई। इसके बाद दोनों ने राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवा लिए।
जिला प्रशासन ने रद्द किए दस्तावेज
पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि दोनों कब से भारत में रह रहे थे। साथ ही उनके पास मौजूद अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य अनियमितताएं मिलती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकता संबंधी मामलों में क्यों जरूरी है जांच
भारत में किसी भी विदेशी नागरिक को तय नियमों के अनुसार ही रहने की अनुमति मिलती है। यदि कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक नागरिकता छिपाकर सरकारी दस्तावेज बनवाता है, तो यह कानूनी अपराध माना जाता है। यही वजह है कि ऐसे मामलों में पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय किया जाता है।