केंद्र सरकार की नीतियों से देश में आए आर्थिक बदलावों को लेकर रायपुर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान देश में न केवल रोजगार के नए साधन बने हैं, बल्कि गरीबों के कल्याण और आर्थिक मजबूती के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली है, जिसका सीधा फायदा देश के नौजवानों को मिल रहा है।
दरअसल, नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष कार्यक्रम के जरिए 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' की प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों (DBT) में भेजी। रायपुर के एम्स ऑडिटोरियम में इस पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण देखा गया।
युवाओं और कंपनियों दोनों को मिलेगी नकद मदद, 2400 करोड़ जारी
रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को सहारा देने के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बांटी है। अब तक इस मुहिम से 15 लाख से ज्यादा युवाओं को काम मिला है। दिल्ली के मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे भी शामिल हुईं। इस योजना की खास बात यह है कि पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को उनके एक महीने के वेतन के बराबर (अधिकतम 15,000 रुपये तक) की मदद एकमुश्त दी जाएगी। इसके साथ ही, जो कंपनियां या संस्थान नए लोगों को नौकरी देंगे, उन्हें भी सरकार की तरफ से हर नई भर्ती पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रति महीने की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इससे बाजार में नई नौकरियां निकालने की होड़ बढ़ेगी।
दो साल में साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार का बड़ा लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति
छत्तीसगढ़ की बात करते हुए मंत्री देवांगन ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योगों का भरपूर साथ मिल रहा है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इतनी बड़ी रकम के निवेश से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की बाढ़ आने वाली है।