रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ कथित बदसलूकी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आखिरकार पुलिस ने नगर पालिका अध्यक्ष के पति डॉ. खुमान वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियो और खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है।
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध मुरूम और रेत उत्खनन की जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों और मशीनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
अधिकारियों को दी गई जान से मारने की धमकी
वायरल वीडियो में डॉ. खुमान वर्मा और उनके समर्थकों पर खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ तीखी बहस, अभद्र भाषा का प्रयोग और खुलेआम धमकी देने के आरोप लगे हैं। वीडियो में अधिकारियों को डराने-धमकाने और कार्रवाई रोकने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। इसी वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए विभाग ने पुलिस से शिकायत की थी। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्रवाई के दौरान उनके कार्य में हस्तक्षेप किया गया और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि दबाव बनाकर कार्रवाई प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे शासकीय कार्य बाधित हुआ।पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और विभागीय रिपोर्ट को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने मामले को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा और कानून के राज को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।