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योग दिवस 2026 पर सामूहिक योगाभ्यास का दृश्य
योग दिवस 2026 पर सामूहिक योगाभ्यास का दृश्य
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योग दिवस : अंबिकापुर में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह, सीएम विष्णु देव साय देंगे सेहतमंद जीवन का संदेश  

इस साल यानी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) की विशेष थीम चुनी गई है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि योग केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर चरण

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 20 Jun 2026, 03:51 PM · अपडेट: 03 Nov 2026, 12:13 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और ऋषि-मुनियों की साधना से निकला योग आज पूरी दुनिया की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है। शरीर को निरोग रखने, मन को शांत करने और आंतरिक चेतना को जगाने का यह मार्ग सदियों से हमारी संस्कृति की पहचान रहा है। इसी सांस्कृतिक ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने एक प्रस्ताव रखा था। इसके बाद से हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा, जो आज एक बड़े जनआंदोलन में बदल चुका है।

पीएम मोदी करेंगे मुख्य आयोजन की अगुवाई

योग को वैश्विक पहचान दिलाने और इसे आम जनमानस की आदत बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बेहद खास रही है। पीएम मोदी का मानना है कि योग केवल हाथ-पैर हिलाने वाली कसरत नहीं है, बल्कि यह मनुष्य का समाज और प्रकृति के साथ गहरा तालमेल बिठाने की एक कला है। जब एक व्यक्ति स्वस्थ होता है, तो उससे परिवार, समाज और अंततः पूरा देश मजबूत होता है। इसी कड़ी में इस साल का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में होने जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री खुद हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास की अगुवाई करेंगे।

स्वस्थ नागरिक से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट मानना है कि एक विकसित राज्य और मजबूत देश की नींव वहां के स्वस्थ नागरिक होते हैं। योग न केवल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर व्यक्ति में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भरता है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने स्वास्थ्य अभियानों में योग को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि लोग दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जीवनशैली में सुधार कर सकें।

प्रकृति और जीवन के तालमेल में बसा योग

छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ के वनांचलों और ग्रामीण इलाकों में लोग सदियों से प्रकृति के बेहद करीब रहकर जीवन जीते आ रहे हैं, जो सीधे तौर पर योग के मूल सिद्धांतों से मेल खाता है। वर्तमान में राज्य के स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी दफ्तरों में नियमित योग गतिविधियों के जरिए एक जागरूक और सेहतमंद समाज बनाने की दिशा में लगातार जमीनी प्रयास किए जा रहे हैं।

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