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PM Dhan Dhanya Krishi Yojana review meeting (Image Source: akashvani)
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana review meeting (Image Source: akashvani)
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PM Dhan Dhanya Krishi Yojana: 100 जिलों में योजना की प्रगति तेज करने पर जोर, शिवराज चौहान ने दिए निर्देश

PM Dhan Dhanya Krishi Yojana: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत चयनित 100 जिलों में कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और किसानों तक लाभ पहुंचाने पर फोकस किया जा रहा है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच जिलों का औसत प्रदर्शन स्कोर 22.54 से बढ़कर 38.85 हुआ। समीक्षा बैठक में सिंचाई, भंडारण, फसल विविधीकरण, कृषि ऋण और जलसंभर परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

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प्रकाशित: 02 Sep 2026, 09:18 AM · अपडेट: 13 Oct 2026, 03:39 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) की प्रगति को लेकर नई दिल्ली में समीक्षा बैठक की। बैठक में योजना के तहत चयनित 100 जिलों में कामकाज को गति देने, विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा हुई। 
पीएम-डीडीकेवाई का उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई अहम जरूरतों पर एक साथ काम करना है। इसके तहत कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, फसल कटाई के बाद भंडारण सुविधाओं के विस्तार, सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने और किसानों को अल्पकालिक व दीर्घकालिक कृषि ऋण की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 

कृषि योजनाओं का बढ़ा असर

योजना में शासन और सरकारी सेवाओं की पहुंच में सुधार को भी प्रमुख लक्ष्य बनाया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इन छह प्रमुख उद्देश्यों के आधार पर 100 जिलों के प्रदर्शन में पिछले कुछ महीनों में सुधार हुआ है। अप्रैल 2026 में इन जिलों का औसत स्कोर 22.54 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 38.85 हो गया। यानी इस अवधि में औसत स्कोर में 16.31 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंत्रालय ने बताया कि पीएम-डीडीकेवाई को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं के साथ-साथ राज्य सरकारों की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी जोड़ा गया है। 

किसानों को लाभ पहुंचाने पर फोकस

योजनाओं के प्रदर्शन और वार्षिक लक्ष्यों की निगरानी के लिए कुल 121 संकेतक तय किए गए हैं। इनमें 74 आउटपुट और 47 परिणाम आधारित संकेतक शामिल हैं। समीक्षा बैठक में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल योजनाओं पर होने वाले खर्च या पूरी की गई गतिविधियों का आकलन पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि योजनाओं से किसानों को वास्तविक रूप से कितना लाभ मिल रहा है और इसका जमीनी स्तर पर क्या असर दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 में मंजूरी दी थी और 11 अक्टूबर 2025 को इसकी शुरुआत की गई थी। 

खेतों तक पानी पहुंचाने पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के जलसंभर विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से जलसंभर परियोजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने और उनके परिणामों को स्पष्ट तथा मापने योग्य बनाने का आग्रह किया। कृषि मंत्री ने जलसंभर विकास को विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ सूखा मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि जलसंभर विकास का मकसद सिर्फ नए जल निकाय तैयार करना नहीं है, बल्कि खेतों तक पानी की उपलब्धता बढ़ाना, जमीन की उत्पादकता में सुधार करना और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस काम करना है।
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