व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा और मानहानि से जुड़े मामले में भाजपा सांसद राघव चड्ढा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। अदालत ने इंटरनेट से सभी सामग्री हटाने की मांग को खारिज कर दिया। हालांकि, पांच ऐसे दस्तावेज हटाने का निर्देश दिया गया है जिनमें कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध अन्य सामग्री पहली नजर में मानहानिकारक नहीं लगती। इसी आधार पर अदालत ने सभी सामग्री हटाने या व्यापक अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
पहले भी जताई थी शुरुआती राय
इस मामले में 21 मई को अंतरिम रोक की मांग पर सुनवाई के दौरान भी हाई कोर्ट ने शुरुआती टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि जिन सामग्रियों का हवाला दिया गया है, उनसे पहली नजर में व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन नहीं दिखता। अदालत ने यह भी कहा था कि मामला राजनीतिक आलोचना का अधिक प्रतीत होता है।
सुनवाई आगे भी जारी रहेगी
फिलहाल अदालत ने केवल पांच कथित रूप से छेड़छाड़ किए गए दस्तावेज हटाने का निर्देश दिया है। मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।