महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। शिवसेना के मुख्य नेता उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने वाले छह सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बहुत ही कड़े शब्दों में इन सभी सांसदों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग उठाई है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर हमारे देश में वाकई कानून का राज है तो दल बदलने वाले इन सभी सांसदों को तुरंत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सांसद महाराष्ट्र के विकास के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह अपने निजी स्वार्थ के लिए बिके हैं।
राम मंदिर में लूट का लगाया आरोप
उद्धव ठाकरे इन दिनों मराठवाड़ा के इलाके में बड़े चुनावी दौरे पर हैं। वे उन सभी सांसदों के क्षेत्रों में जाकर बड़ी जनसभाएं कर रहे हैं जिन्होंने उनका साथ छोड़ा है। इसी कड़ी में रविवार को उन्होंने परभणी और धाराशिव में दो बड़ी रैलियों को संबोधित किया। धाराशिव की रैली में उन्होंने सीधे केंद्र सरकार पर निशाना साधा और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए उसे बाबर जनता पार्टी तक कह डाला। उन्होंने जनता से पूछा कि बाबर ने तो राम मंदिर तोड़ा था लेकिन अब यह पार्टी नए बने मंदिर को ही लूट रही है, तो फिर दोनों में क्या अंतर रह गया है।
सब कुछ गुजरात ले जाने की चल रही साजिश
जनसभा में भीड़ को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर सामने वाली पार्टी के पास पहले से ही पूरा बहुमत था तो फिर उन्हें शिवसेना के सांसदों को तोड़ने की क्या जरूरत आन पड़ी। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक मामूली बगावत नहीं है बल्कि इसके पीछे बहुत बड़ा राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। ये लोग महाराष्ट्र की पहचान, शिवसेना और यहां की संस्कृति को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं। वे मराठी मानुष के स्वाभिमान को मिटाकर महाराष्ट्र का सब कुछ उठाकर गुजरात ले जाना चाहते हैं। राम मंदिर हमारे करोड़ों हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है जो बहुत लंबे संघर्ष के बाद बना है, लेकिन अब इसे एक दुकान बना दिया गया है।गडकरी और फडणवीस का नाम लेकर घेरा
परभणी की रैली में उद्धव ठाकरे ने सांसदों के टूटने की इस पूरी घटना को ऑपरेशन देवेंद्र का नाम दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी का दिल्ली में बैठा केंद्रीय नेतृत्व सबसे पहले अपने ही बड़े नेताओं के पंख काटता है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस का नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि नितिन गडकरी के पर सिर्फ इसलिए काटे गए ताकि वे भविष्य में देश के प्रधानमंत्री न बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना को तोड़ने के पीछे देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र की राजनीति से हटाने का बड़ा खेल है ताकि उन्हें दिल्ली भेजा जा सके। हाल ही में बाईस जून को उद्धव गुट के नौ में से छह सांसद एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो गए थे जिससे शिंदे गुट के सांसदों की संख्या अब तेरह हो गई है।