पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय हलचल काफी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी के बागी गुट ने शनिवार को एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार एक बड़ी बैठक की है। पूर्वी कोलकाता के टॉपसिया इलाके में हुई इस बैठक में सैंतालीस पूर्व पार्षद शामिल हुए। इससे पहले बाईस जून को न्यू टाउन में भी इस गुट की बैठक हुई थी। इन दोनों ही बैठकों की सबसे खास बात यह रही कि इसमें टीएमसी का नाम और चुनाव चिह्न तो इस्तेमाल किया गया, लेकिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की तस्वीर गायब रही। दूसरी तरफ, ममता बनर्जी गुट की नेता डोला सेन ने न्यू टाउन और प्रगति मैदान थानों में इस बैठक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। शिकायत में बिना अनुमति बैठक करने और गलत दस्तावेज फैलाने का आरोप लगाया गया है।
कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर चर्चा तेज
बागी गुट के विधायक संदीपन साहा का दावा है कि उनकी ही असली तृणमूल कांग्रेस है और उनके पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन हो चुका है और वे जल्द ही अपने राजनीतिक कार्यक्रमों का ऐलान करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से बात हुई, जो इस साल दिसंबर में हो सकते हैं। हाल ही में आठ जून को नगर निगम का बोर्ड भंग होने के बाद से सभी पार्षदों और मेयर का कार्यकाल खत्म हो चुका है और फिलहाल सारा काम प्रशासक संभाल रहे हैं।
शहीद दिवस की रैली के लिए आमने-सामने दोनों गुट
आने वाली इक्कीस जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली को लेकर भी दोनों गुटों में टकराव बढ़ता दिख रहा है। ममता गुट और बागी गुट, दोनों ने ही कोलकाता के धर्मतला में इस कार्यक्रम को करने की अनुमति मांगी है। ममता गुट का कहना है कि वे पिछले तैंतीस सालों से इसी जगह पर रैली करते आ रहे हैं। वहीं बागी गुट ने कहा है कि अगर उन्हें वहां की अनुमति नहीं मिली, तो वे किसी दूसरी जगह कार्यक्रम करेंगे। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी का निशान और जनता का समर्थन सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी के साथ है। कुछ लोगों के अलग होने से जनता का फैसला नहीं बदलता।
आने वाली इक्कीस जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली को लेकर भी दोनों गुटों में टकराव बढ़ता दिख रहा है। ममता गुट और बागी गुट, दोनों ने ही कोलकाता के धर्मतला में इस कार्यक्रम को करने की अनुमति मांगी है। ममता गुट का कहना है कि वे पिछले तैंतीस सालों से इसी जगह पर रैली करते आ रहे हैं। वहीं बागी गुट ने कहा है कि अगर उन्हें वहां की अनुमति नहीं मिली, तो वे किसी दूसरी जगह कार्यक्रम करेंगे। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी का निशान और जनता का समर्थन सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी के साथ है। कुछ लोगों के अलग होने से जनता का फैसला नहीं बदलता।