महासमुंद में साइकिल सवार राजमिस्त्री को पीछे से टक्कर मारने वाले बस हादसे में प्रधान मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (क्लेम कोर्ट) ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया है। अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अनिता डहरिया ने बीमा कंपनी को घायल जनेन्द्र कुमार साहू को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित ₹1,48,293 का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही से हुई और वाहन का बीमा वैध होने के कारण भुगतान की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होगी।
नपा कार्यालय से लौटते समय हुआ हादसा
मामले के अनुसार, गोड़पारा वार्ड-17 निवासी 45 वर्षीय जनेन्द्र कुमार साहू 25 जून 2025 की सुबह निजी काम से साइकिल पर नगर पालिका कार्यालय गए थे। लौटते समय बीएसएनएल कार्यालय के पास बरौंडा चौक की ओर से आ रही सूर्यपुत्र बस (CG 09 F 0134) ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
फीमर की हड्डी टूटी, 5 दिन अस्पताल में भर्ती
दुर्घटना में जनेन्द्र की दाहिनी जांघ (फीमर), हाथ और कमर में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें महानदी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिन तक इलाज चला। उन्होंने दावा किया कि पैर की गंभीर चोट के कारण अब पहले की तरह राजमिस्त्री का काम नहीं कर पा रहे हैं और ₹16 लाख मुआवजे की मांग की थी।
बीमा कंपनी की दलील कोर्ट ने नहीं मानी
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि साइकिल सवार अचानक सड़क के बीच आ गया था, जिससे दुर्घटना हुई। लेकिन पटेवा पुलिस की जांच, चालान, मौका नक्शा और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने माना कि बस चालक की लापरवाही से ही हादसा हुआ। कोर्ट ने यह भी कहा कि बीमा पॉलिसी की किसी शर्त का उल्लंघन साबित नहीं हुआ, इसलिए मुआवजा देने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की है।
कोर्ट ने यह मुआवजा मंजूर किया
- इलाज व अस्पताल खर्च : ₹88,293
- शारीरिक दर्द व पीड़ा : ₹30,000
- मानसिक कष्ट : ₹30,000
कुल मुआवजा : ₹1,48,293
अदालत ने आवेदन की तारीख 12 अगस्त 2025 से अंतिम भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है। यह राशि दो माह के भीतर आवेदक के बैंक खाते में जमा करनी होगी। साथ ही बीमा कंपनी को ₹2,000 अधिवक्ता शुल्क और वाद व्यय भी देना होगा।