छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 19 वर्षीय युवक 17 साल की नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अगवा कर ले गया। आरोपी लड़की को पहले विशाखापट्टनम और फिर ओडिशा के संबलपुर ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और लगातार पीछा करने के बाद आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। यह पूरा मामला रायगढ़ के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र का है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत इसी साल 25 अप्रैल की रात को हुई थी।
आधी रात को गायब हुई बेटी
कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित परिवार के सभी सदस्य रोजाना की तरह रात में सोए हुए थे। देर रात करीब 2 बजे जब पिता की आंख खुली, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। जब उन्होंने अंदर जाकर देखा, तो उनकी 17 वर्षीय बेटी अपने कमरे से गायब थी। परिजनों ने रात में ही आसपास और रिश्तेदारों के यहाँ बेटी की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। किसी अनहोनी की आशंका और अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने के शक में पिता ने 27 अप्रैल 2026 को कोतरारोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बदलता रहा लोकेशन
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर सबसे पहले नाबालिग की लोकेशन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में ट्रेस हुई। कोतरारोड़ पुलिस अभी वहां जाने की तैयारी ही कर रही थी कि आरोपी ने अपनी लोकेशन बदल दी। इस बार उसकी लोकेशन ओडिशा के संबलपुर में मिली।पीड़िता ने सुनाई आपबीती
पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत संबलपुर के लिए रवाना हुई, लेकिन शातिर आरोपी लगातार अपनी जगह बदल रहा था और रास्ते में ही उसकी लोकेशन फिर बदल गई। लगातार मिल रही तकनीकी चुनौतियों के बावजूद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखी। आखिरकार 26 जून 2026 को पुलिस को सफलता मिली, जब कोड़ातराई क्षेत्र में घेराबंदी कर संदेही धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) को दबोच लिया गया। पुलिस ने उसके चंगुल से नाबालिग लड़की को भी सकुशल छुड़ा लिया। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह बेहद दर्दनाक थी।
शादी का झांसा दे कर बनाया संबंध
नाबालिग ने बताया कि आरोपी धीरज उसे शादी का लालच देकर अपने साथ भगा ले गया था। वह उसे विशाखापट्टनम और संबलपुर (ओडिशा) के अलग-अलग ठिकानों पर रखकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता के बयान और मामले की संगीनता को देखते हुए पुलिस ने केस में कड़ी धाराएं जोड़ीं। आरोपी धीरज निराला के खिलाफ अब BNS की धारा 87, 65(1) और बच्चों के संरक्षण के लिए बने सख्त कानून 'पॉक्सो एक्ट' (POCSO Act) की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।नहीं बख्शा जाएगा आरोपी
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस इस मामले में आगे के कानूनी साक्ष्य जुटाने में लगी है। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिले में गुमशुदा बच्चों की जल्द से जल्द और सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष अभियान 'संवेदना' चलाया जा रहा है। बच्चों को बहला-फुसलाकर उनका शोषण करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की टीम ने इस मामले में दिन-रात एक करके आरोपी को पकड़ा है और आने वाले दिनों में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।