ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की अहम सफलता माना जा रहा है। बरामद सामान में राइफल, पिस्तौल, विस्फोटक, कारतूस, संचार उपकरण और कई अन्य सामग्री शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, जिला स्वयंसेवी बल की टीम ने कलिमेला थाना क्षेत्र के गुंथबाड़ा और कदमगुडा के घने जंगलों में छापेमारी की। यह अभियान आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया।
आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में सुबह करीब साढ़े छह बजे सुरक्षा बलों ने माओवादियों के गुप्त ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया।
क्या-क्या हुआ बरामद
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने दो एसएलआर राइफल, दो पिस्तौल, आईईडी, विस्फोटक सामग्री, बड़ी संख्या में कारतूस, बैटरियां, एंटीना, वॉकी-टॉकी सेट, तार, हार्ड डिस्क, पेनड्राइव, कीबोर्ड, दवा किट और अन्य सामान बरामद किया। पुलिस का कहना है कि यह पूरा जखीरा आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति के माओवादियों का था।

नक्सलमुक्त अभियान को मिली मजबूती
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मलकानगिरी जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। लगातार चल रहे अभियान के कारण माओवादी संगठन का नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में दो माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 23 उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में लौटे।
जून में तीसरी बड़ी सफलता
जून महीने में हथियारों की बरामदगी की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 9 जून को मथिली थाना क्षेत्र और 15 जून को पोडिया थाना क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। पुलिस ने कहा कि विशेष अभियान दल और जिला स्वयंसेवी बल की संयुक्त टीमें जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। माओवादी गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने तक यह अभियान जारी रहेगा।