पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए और नई सरकार बने एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन जमीन पर सियासी तपिश और नेताओं के प्रति जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लगातार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं।
इसी कड़ी में अब एक नया और हाई-प्रोफाइल मामला बीरभूम जिले के सैंथिया से सामने आया है, जहाँ आक्रोशित जनता ने पूर्व टीएमसी विधायक के पति की न सिर्फ घेरेबंदी की, बल्कि उन पर जमकर अंडे भी बरसाए। मिली जानकारी के मुताबिक, सैंथिया की पूर्व टीएमसी विधायक नीलाबती साहा के पति देबाशीष साहा इलाके में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
लोगों का गुस्सा भड़का, की नारेबाजी
देबाशीष को देखते ही वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। बात सिर्फ नारों तक ही सीमित नहीं रही; प्रदर्शन कर रहे लोगों में से कुछ ने देबाशीष साहा को निशाना बनाते हुए उन पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

किसी को नहीं आई गंभीर चोट
चश्मदीदों के अनुसार, गुस्साए लोगों ने विधायक पति को पकड़ लिया था और स्थिति गंभीर होती जा रही थी। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद देबाशीष साहा को भीड़ के बीच से निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गनीमत रही कि इस पूरी घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
विकास को पूरी तरह किया नजरअंदाज
इस उग्र विरोध के पीछे स्थानीय लोगों की लंबे समय से दबी नाराजगी बताई जा रही है। प्रदर्शन करने वाले लोगों का सीधा आरोप है कि नीलाबती साहा के विधायक रहते हुए क्षेत्र के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
सड़कों और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं: लोगों का कहना है कि इलाके की बुनियादी समस्याएं सालों से जस की तस हैं।
अधूरे वादे: चुनाव के वक्त जो बड़े-बड़े वादे किए गए थे, वे कभी जमीन पर नहीं उतरे।
सुनवाई न होना: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायतें लेकर जाने के बाद भी नेताओं ने कभी उनकी सुध नहीं ली। इसी अनदेखी का नतीजा आज इस जनाक्रोश के रूप में सामने आया है।
घटना सोशाल मीडिया पर वायरल
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की तीखे शब्दों में निंदा की है। स्थानीय टीएमसी नेतृत्व का दावा है कि यह जनता का स्वाभाविक गुस्सा नहीं, बल्कि विपक्ष द्वारा प्रायोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला है, जिसका मकसद इलाके की शांति भंग करना है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बंगाल की राजनीति में एक बार फिर उबाल ला दिया है।वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दल सरकार और कानून व्यवस्था पर हमलावर हो गए हैं। वहीं, बिगड़ते माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।