टेंडर प्रक्रिया में फंसा पेंच: 30 अक्टूबर को खुलेंगी बोलियां
प्रशासनिक स्तर पर योजना को मंजूरी मिलने और 11.54 करोड़ रुपए का बजट पास होने के बाद निर्माण एजेंसी की तलाश शुरू की गई थी। लेकिन शुरुआती चरण में ही अड़चन आ गई:
पहला टेंडर: किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई।
दूसरा टेंडर: महज एक ही ठेकेदार की बोली (सिंगल टेंडर) आई, जिसके चलते नियमों के तहत प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी।
अब विभाग ने दोबारा टेंडर (री-टेंडर) जारी किया है, जो 30 अक्टूबर को खोला जाएगा। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो ठेकेदार का चयन कर अगले माह वर्कऑर्डर जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद धरातल पर काम शुरू होगा।
क्यों खास हैं ये दोनों प्रोजेक्ट?
1. इंदिरा नगर - केवड़ाबाड़ी पुल (बजट: ₹7.55 करोड़)
यह प्रोजेक्ट केवल एक पुल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर के ट्रैफिक के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है।
- कनेक्टिविटी: इसे केनाल रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, जो जोगीडीपा होते हुए सीधे मरीन ड्राइव तक पहुंचेगी।
लाभ: सारंगढ़ और चक्रधर नगर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को एक मजबूत वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे मुख्य चौराहों पर गाड़ियों का दबाव काफी कम हो जाएगा।
समस्या का समाधान: वर्तमान में इंदिरा नगर की ओर से आने वाली सड़क पुल के पास आकर काफी संकरी हो जाती है, जिससे रोजाना केवड़ाबाड़ी चौक पर घंटों जाम लगता है। नया 90 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा पुल इस पूरी समस्या को समाप्त कर देगा।
निर्माण लागत: ₹7.55 करोड़ (जिसमें लाइट व पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा भू-अर्जन के ₹4 करोड़ शामिल हैं)।
2. चांदनी चौक - राजापारा पुल (बजट: ₹7.00 करोड़)
चांदनी चौक से राजापारा को जोड़ने वाला वर्तमान पुल आजादी के पहले का बना हुआ है।
समस्या का समाधान: यह पुराना पुल काफी जर्जर और संकरा है। यहां से दोपहिया और ऑटो तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही लगभग ठप रहती है।
नया स्वरूप: पुराने जर्जर ढांचे को हटाकर 66 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा नया पुल बनाया जाएगा।
निर्माण लागत: ₹3.99 करोड़ मूल निर्माण के लिए तथा शेष राशि यूटिलिटी शिफ्टिंग व भू-अर्जन के लिए रखी गई है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
"शहर की सुगम आवाजाही के लिए दोनों पुल बेहद महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल री-टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। हमारा प्रयास है कि अगले महीने तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार को वर्कऑर्डर जारी कर दिया जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। पूरे काम पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।"
— संतोष भगत, कार्यपालन अभियंता (EE), सेतु विभाग
जनता को क्या मिलेगा फायदा?
दोनों पुलों और एप्रोच रोड के बन जाने से शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाना बेहद आसान हो जाएगा। मुख्य चौक-चौराहों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और लोगों का सफर सुरक्षित व समय की बचत करने वाला बनेगा।







