Food Department Raid: 150 किलो मिठाई और पनीर गटर के हवाले, 4 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड
Food Department Raid: रायपुर के तेलीबांधा और पचपेड़ी नाका इलाके में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने चार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 150 किलो संदिग्ध मिठाई और 10 किलो खराब पनीर नष्ट कराया गया। विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर कम से कम तीन दिन दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए। मिठाई, खोवा, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
प्रकाशित: 18 Oct 2026, 08:27 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Food Department Raid: शहर में त्यौहारों और आम दिनों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों पर प्रशासन का चाबुक चला है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने तेलीबांधा और पचपेड़ी नाका इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी पैमाने पर मिली मिलावटी और बासी मिठाइयों को मौके पर ही बुलडोज़/नष्ट करवा दिया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के भीतर मिली बेहिसाब गंदगी और रखरखाव में लापरवाही को देखते हुए अफसरों ने चार प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। साथ ही सभी को कम से कम तीन दिनों तक दुकानें पूरी तरह बंद रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
इन दुकानों पर गिरा प्रशासन का डंडा
खाद्य सुरक्षा विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के सीधे नेतृत्व में उतरी टीम ने तेलीबांधा क्षेत्र में स्थित न्यू जनता स्वीट्स, मां अंबे स्वीट्स, स्वीट हट एंड बेकरी और पचपेड़ी नाका स्थित प्रसिद्ध रायपुर ढाबा पर अचानक दबिश दी। जैसे ही टीम दुकानों के किचन और स्टोर रूम में दाखिल हुई, वहाँ का नज़ारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जगह-जगह फैली गंदगी, मक्खियों की भिनभिनाहट और बदबूदार माहौल में मिठाइयां और पनीर तैयार किए जा रहे थे। अफसरों ने बिना कोई मोहलत दिए मौके पर ही लगभग 150 किग्रा संदिग्ध मिठाई और 10 किग्रा खराब पनीर को पूरी तरह नष्ट करवा दिया।
जांची गई दुकानों में स्वच्छतालैब भेजे गए सैंपल, रिपोर्ट आते ही कोर्ट में होगी घसीट-पटक
अधिकारियों ने सिर्फ मिठाइयां फेंकवाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि दुकानों से खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेना मिठाइयों के ढेर सारे रैंडम सैंपल सील किए हैं। इन सभी सैंपलों को राज्य स्तरीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (स्टेट फूड लैब) भेजा गया है। विभाग के मुताबिक, अगर लैब रिपोर्ट में इन सैंपलों में मिलावट या केमिकल की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकान मालिकों के खिलाफ सीधे अदालत में क्रिमिनल केस दर्ज कराया जाएगा।
"जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं" "खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वच्छता में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कारोबारी आम लोगों की सेहत से सौदा करेगा, उसकी दुकान का लाइसेंस रद्द कर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।" — दीपक अग्रवाल (नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन)
ग्राउंड पर डटे रहे ये अधिकारी
इस अचानक हुई कार्रवाई से तेलीबांधा और पचपेड़ी नाका के व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया। इस छापेमारी दल में उपायुक्त आशीष यादव, अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कंचन वर्मा के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश राज, संतोष ध्रुव और डोमेन्द्र ध्रुव मुस्तैदी से शामिल रहे। विभाग ने साफ कर दिया है कि राजधानी में यह चेकिंग अभियान रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की अचानक जांच की जाएगी।