Raipur Ration Scam: 16 लाख के सरकारी राशन का गबन, कार्ड जमा कराकर हड़पा 389 क्विंटल चावल, आरोपी संचालक गिरफ्तार
Raipur Ration Scam: जोरा क्षेत्र में सरकारी राशन की दुकान से 389.24 क्विंटल चावल गायब मिलने का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में ई-पॉस रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्ज होने के बावजूद कई हितग्राहियों को राशन नहीं दिए जाने का खुलासा हुआ। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दुकान संचालक टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Raipur Ration Scam: जोरा क्षेत्र (वार्ड क्रमांक 51) से सरकारी राशन में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में जोरा की राशन दुकान (आईडी 442001026) से करीब 15.91 लाख रुपये कीमत का 389 क्विंटल चावल गायब मिला। विभाग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दुकान संचालक 27 वर्षीय टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच के दौरान 265 राशन कार्ड जब्त
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब खाद्य विभाग की टीम ने 29 अक्टूबर 2025 को दुकान का औचक निरीक्षण किया। वहां पहुंचे कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें अक्टूबर महीने का चावल और शक्कर नहीं दिया गया है। जांच के दौरान दुकान से 265 राशन कार्ड बरामद हुए। जांच में सामने आया कि संचालक टोपेश्वर साहू ने कार्डधारियों के राशन कार्ड अपने पास जमा रख लिए थे और ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर उनका बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा) भी करा लिया था।
वितरण दर्ज पर नहीं बांटा गया राशन
सत्यापन के बावजूद न तो गरीबों को उनका राशन दिया गया और न ही उनके कार्ड लौटाए गए। मशीन रिकॉर्ड की पड़ताल में ऐसे 250 कार्ड मिले, जिनमें ई-पॉस पर वितरण तो दर्ज था, लेकिन धरातल पर राशन नहीं बांटा गया था।
जांच आगे बढ़ी तो बढ़ता गया घपले का दायरा
शुरुआती जांच: पहली बार में भौतिक सत्यापन के दौरान ई-पॉस रिकॉर्ड और असली स्टॉक के बीच 333.97 क्विंटल चावल का अंतर मिला था।
लापरवाही और गायब रजिस्टर: 12 से 15 अक्टूबर के बीच दुकान में पहुंचे 232.90 क्विंटल चावल की कोई आधिकारिक पावती दर्ज नहीं थी। दुकान पर न तो स्टॉक रजिस्टर मिला और न ही कोई सूचना बोर्ड लगा था।
निलंबन और हस्तांतरण: नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग ने 4 नवंबर 2025 को संचालक को निलंबित कर दुकान को दूसरी संस्था से अटैच कर दिया।
अंतिम सत्यापन: 7 नवंबर को जब दुकान का चार्ज दूसरी संस्था को सौंपने के लिए दोबारा गिनती हुई, तो गायब चावल का आंकड़ा बढ़कर 389.24 क्विंटल (करीब 778 बोरी) तक पहुंच गया।
सरकारी वितरण प्रणाली में धांधली और धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है।
Keertiman