नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे तरल उर्वरक कृषि क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी क्रांति के रूप में उभर रहे हैं। ये पारंपरिक दानेदार यूरिया और डीएपी की तुलना में बहुत कम मात्रा में उपयोग किए जाते हैं, लेकिन पौधों को तेजी से पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। इनका आकार मात्र 20–50 नैनोमीटर होने के कारण ये सीधे पौधों की कोशिकाओं में प्रवेश कर नाइट्रोजन और फास्फोरस की आपूर्ति करते हैं, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों में खाद एवं उन्नत बीजों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसानों को समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध हो रही है। कोरबा जिले के ग्राम ढेलवाडीह निवासी कृषक छेदीलाल उरांव आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
वे लगभग 5 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं और उनका परिवार पूरी तरह कृषि पर निर्भर है। उन्होंने विकासखंड सोनपुरी स्थित सहकारी समिति से खरीफ सीजन के लिए यूरिया एवं डीएपी प्राप्त किया है। साथ ही वे 1 एकड़ भूमि में ढैंचा और मूंग की हरित खाद की बुआई भी करेंगे, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ सके।
नैनो उर्वरकों के लाभ
किसानों को राहत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। सहकारी समितियों में उन्नत बीज और उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। इस व्यवस्था से किसानों को समय पर कृषि सामग्री मिल रही है और वे सहजता से खेती की तैयारी कर रहे हैं। कोरबा जिले के ग्राम ढेलवाडीह निवासी कृषक छेदीलाल उरांव लगभग 5 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं और उनका पूरा परिवार कृषि पर निर्भर है। उन्होंने विकासखंड सोनपुरी की सहकारी समिति से खरीफ फसल के लिए खाद-बीज प्राप्त किया है
सेहत और पर्यावरण दोनों सुरक्षित
कृषक छेदीलाल उरांव ने बताया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से फसल को समय पर पोषण मिलता है और उत्पादन बेहतर होता है। ये उर्वरक लीचिंग और गैस उत्सर्जन को काफी हद तक कम करते हैं, जिससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण में कमी आती है। साथ ही यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति और जैविक गुणवत्ता को बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं। किसान छेदीलाल उरांव ने समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों के चलते खेती अब अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।सरकार की पहल
किसान छेदीलाल उरांव ने समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों के चलते खेती अब अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों के चलते खेती अब
अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे
हैं।
