Friday, 06 Nov 2026 भारत
W 𝕏 f
होम › सूरजपुर › रास्ता बंद, एंबुलेंस बेबस... साड़ियों की ओट में ख…
खेत के बीच कराया गया प्रसव
खेत के बीच कराया गया प्रसव
सूरजपुर

रास्ता बंद, एंबुलेंस बेबस... साड़ियों की ओट में खेत पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के धुरिया गांव में अवैध अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस प्रसूता के घर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन परिजन महिला को खेतों से ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही महिलाओं ने साड़ियों की ओट बनाकर सुरक्षित प्रसव कराया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। CMHO ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 01 Aug 2026, 09:38 AM · अपडेट: 29 Oct 2026, 11:59 PM
सूरजपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रशासनिक लापरवाही और घोर बदहाली की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रतापपुर विकासखंड के धुरिया गांव में मुख्य रास्ते पर अवैध कब्जे के चलते वक्त पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। नतीजतन, प्रसव पीड़ा से कराहती एक बेबस महिला को अस्पताल जाने के रास्ते में खेतों के बीच ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, धुरिया गांव की निवासी एक महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। 

खेतों के बीच साड़ियों के घेरे में कराया प्रसव

परिजनों ने बिना वक्त गंवाए 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस गांव तक तो आ गई, लेकिन महिला के घर तक जाने वाला कच्चा रास्ता पूरी तरह बंद था। कोई दूसरा चारा न देख, परिजन गंभीर हालत में महिला को पैदल ही खेतों के रास्ते एंबुलेंस तक ले जाने लगे। लेकिन दर्द इतना बढ़ गया कि महिला आगे चलने में असमर्थ हो गई। मजबूरी में साथ चल रही महिलाओं ने खेतों के बीच साड़ियों और कपड़ों का घेरा बनाया और सुरक्षित प्रसव कराया। 
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिलाएं कपड़े से ओट बनाकर प्रसव कराती दिख रही हैं। गनीमत रही कि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु दोनों को सही सलामत अस्पताल पहुंचा दिया गया। डॉक्टरों ने दोनों को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है।

3 महीने से बंद था रास्ता, अफसरों ने नहीं ली सीध

पीड़ित परिवार का साफ तौर पर आरोप है कि उनके घर की ओर आने वाली सरकारी जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है, जिससे पिछले 3 महीनों से आवाजाही पूरी तरह ठप है।

  • परिवार ने नायब तहसीलदार से लेकर जिला और पुलिस प्रशासन के चौखट तक कई बार गुहार लगाई।

  • बार-बार आवेदन देने के बावजूद किसी अधिकारी ने रास्ते को खुलवाने की जहमत नहीं उठाई।

ग्रामीणों ने की पक्की सड़क की मांग 

ग्रामीणों का कहना है कि अगर वक्त रहते प्रशासन नींद से जाग जाता और अतिक्रमण हटा देता, तो आज एक प्रसूता को इस तरह खेत में प्रसव कराने की नौबत नहीं आती। अब ग्रामीणों ने गांव के लिए तुरंत पक्की सड़क और स्थायी रास्ते की पुरजोर मांग की है। मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य महकमा भी हरकत में आ गया है। सूरजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. कपिल देव पैकरा ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस महिला के घर तक क्यों नहीं पहुंच पाई, इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी दोबारा कोई घटना न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन आपस में समन्वय बनाकर कड़े कदम उठाएगा।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें