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6 arrested, including the main accused, in a robbery case (Image Source: Keertiman Media)
6 arrested, including the main accused, in a robbery case (Image Source: Keertiman Media)
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robbery case: रायगढ़ में चाकू की नोक पर ट्रेलर चालक से लूट, मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार

robbery case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोयला परिवहन कर रहे ट्रेलर चालक से चाकू की नोक पर मोबाइल और 200 रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जूटमिल थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात की जांच के दौरान पुलिस ने लूटे गए मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई और मुख्य आरोपी शनि केंवट को पकड़ा। पुलिस ने लूटा गया पोको मोबाइल और एक सैमसंग A36 फोन भी जब्त किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) के तहत भी कार्रवाई की गई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 22 Oct 2026, 09:10 AM · 4 मिनट पढ़ने का समय
रायगढ़
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
robbery case: रायगढ़ जिले में कोयला परिवहन कर रहे एक ट्रेलर चालक को चाकू की नोक पर डरा-धमकाकर मोबाइल और नकदी लूटने वाले मुख्य आरोपी समेत कुल 6 लोगों को पुलिस ने धर दबोचा है। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने लूटा गया मोबाइल और अन्य सामग्री बरामद कर ली है। खास बात यह है कि इस मामले में सिर्फ लूट को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उस लूटे हुए मोबाइल को आगे खरीदने वाले 5 अन्य लोग भी कानून के शिकंजे में आ गए हैं।

क्या था पूरा मामला? 

घटना जूटमिल थाना क्षेत्र की है। कृष्णवाटिका बोइरदादर के रहने वाले 29 वर्षीय दीपक कुमार बीते 10 अक्टूबर को झारखंड के झारसुगुड़ा से ट्रेलर में कोयला लोड करके तमनार के लिए निकले थे। सुबह के करीब 5 बज रहे थे, जब अमलीभौना स्थित शीला पेट्रोल पंप के पास तीन संदिग्ध युवकों ने उनकी गाड़ी को अचानक रोक लिया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, बदमाशों ने चाकू अड़ाकर उसे जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल तथा जेब में रखे 200 रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। चालक की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी।

तकनीकी जांच ने सुलझाई अनसुलझी गुत्थी 

जांच के दौरान पुलिस ने जब लूटे गए मोबाइल की तकनीकी निगरानी की, तो उसमें एक नया सिम कार्ड एक्टिव मिला। जब उस सिम नंबर की गहराई से पड़ताल की गई, तो वह सिंधी कॉलोनी में मोबाइल दुकान चलाने वाले 36 वर्षीय नीरज परियानी के नाम पर रजिस्टर्ड निकला। जब पुलिस ने नीरज से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसकी दुकान पर काम करने वाले सोनूमुड़ा नयापारा निवासी भुवन निषाद (24) ने उसे यह फोन बेचने के लिए दिया था, जिसे उसने खरीद लिया था।

कड़ियों से कड़ी मिलती गई, यूं पहुंचा मास्टरमाइंड तक

मोबाइल की खरीद-बिक्री की इस लंबी चेन को खंगालते हुए जूटमिल पुलिस ने एक-एक कर सभी कड़ियों को जोड़ना शुरू किया:

  • पुलिस ने सबसे पहले भुवन निषाद को हिरासत में लिया, जिसने बताया कि उसने यह मोबाइल रोहित दुलेवाले (30) से खरीदा था।

  • जब रोहित से पूछताछ हुई, तो उसने बाजीराव पारा निवासी संजय कुमार सिंह (18) का नाम लिया।

  • संजय से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने यह फोन कबीर चौक निवासी आकाश डेविड (20) से लिया था।

  • आखिरकार, जब आकाश से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूला कि उसने यह मोबाइल एफसीआई गोदाम के पास रहने वाले शनि केंवट (19) से खरीदा था।

इस तरह छोटी-छोटी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार मुख्य आरोपी शनि केंवट तक पहुंच गई। पूछताछ में शनि ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस लूट की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली।

महज 3 हजार में बिका था फोन, खरीदार भी फंसे 

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शनि ने लूटे गए पोको कंपनी के मोबाइल को आकाश डेविड के पास मात्र 3 हजार रुपए में बेच दिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित चालक दीपक कुमार से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष मुख्य आरोपी शनि की शिनाख्त कराई और फोन को जब्त कर लिया। वहीं, बीच में शामिल आरोपी भुवन निषाद ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने लूटा हुआ फोन बेचने से मिले पैसों से अपना खुद का सैमसंग A36 मोबाइल खरीद लिया था। पुलिस ने गवाहों के सामने इस नए मोबाइल को भी जब्त कर लिया है।

इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई 

जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि नीरज परियानी, भुवन निषाद, रोहित दुलेवाले, संजय कुमार सिंह और आकाश डेविड—इन सभी को अच्छी तरह पता था कि यह मोबाइल चोरी या लूट का है, इसके बावजूद इन्होंने चंद पैसों के लालच में इसे खरीदा। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) भी जोड़ दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शनि केंवट समेत सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।

चोरी का सामान खरीदना भी अपराध 

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस पूरे मामले पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि चोरी या लूट का सामान खरीदने वाले लोग किसी भी कीमत पर कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते। चंद रुपयों या सस्ते सामान के लालच में अपराधियों का साथ देना और उनका सामान खरीदना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों को भी सीधा जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

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