बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की आगामी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्साह था, लेकिन अब इसका पहला रिव्यू सामने आने के बाद इसकी चर्चा और तेज हो गई है। खास बात यह है कि यह रिव्यू हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता-निर्देशक सुभाष घई ने दिया है, जिन्होंने फिल्म को देखने के बाद खुलकर इसकी सराहना की है। रिलीज से पहले सलमान खान ने फिल्म का रफ कट हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कुछ चुनिंदा निर्देशकों और निर्माताओं को दिखाया। इस विशेष स्क्रीनिंग में वे फिल्मकार शामिल थे, जिन्होंने अपने करियर में सलमान खान के साथ कई सफल फिल्में दी हैं।
सुभाष घई
स्पेशल स्क्रीनिंग के बाद सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि फिल्म का रफ कट देखना एक शानदार अनुभव रहा और यह ऐसी फिल्म है जिसे बड़े पर्दे पर जरूर देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार फिल्म में देशभक्ति, भावनात्मक गहराई और मनोरंजन का संतुलित मेल देखने को मिलता है। फिल्म इंडस्ट्री में सुभाष घई की राय को काफी महत्व दिया जाता है। ऐसे में उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया को फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
बड़े फिल्मकारों ने देखी फिल्म
इस निजी स्क्रीनिंग में हिंदी सिनेमा की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। इनमें निर्देशक सूरज बड़जात्या, कबीर खान, डेविड धवन, अभिनेता रितेश देशमुख, अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह और फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर जैसे नाम शामिल थे। फिल्म देखने के बाद अधिकांश मेहमानों ने इसके विषय और प्रस्तुति की सराहना की। हालांकि मेकर्स ने अभी तक उनकी विस्तृत प्रतिक्रियाएं सार्वजनिक नहीं की हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है।
गलवान घाटी संघर्ष
निर्देशक अपूर्वा लखिया के निर्देशन में बनी 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को गलवान घाटी संघर्ष की घटनाओं से प्रेरित बताया जा रहा है। हालांकि फिल्म किसी वास्तविक घटना का सीधा पुनर्निर्माण नहीं है, लेकिन इसकी कहानी भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी। पिछले कुछ वर्षों में देशभक्ति आधारित फिल्मों को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है। ऐसे में 'मातृभूमि' से भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
पहले 'बैटल ऑफ गलवान' था
फिल्म से जुड़ी एक दिलचस्प जानकारी यह भी सामने आई है कि शुरुआत में इसका शीर्षक 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। बाद में मेकर्स ने इसे बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' कर दिया। नया शीर्षक कहानी के भावनात्मक और व्यापक संदेश को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करता है। इससे फिल्म केवल युद्ध तक सीमित न रहकर सैनिकों के त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को भी दर्शाती है।
सलमान खान
सलमान खान लंबे समय बाद एक गंभीर और देशभक्ति से जुड़े विषय पर आधारित फिल्म में नजर आने वाले हैं। उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह फिल्म उनके करियर की यादगार फिल्मों में शामिल हो सकती है। फिल्म की कहानी, दमदार एक्शन, भावनात्मक दृश्यों और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए युद्ध दृश्यों को लेकर पहले ही काफी चर्चा हो रही है। अब सुभाष घई जैसे अनुभवी फिल्मकार की तारीफ ने फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। रिलीज से पहले ही 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर सकारात्मक माहौल बन चुका है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फिल्म बड़े पर्दे पर दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।
फिल्म का बजट और रिलीज डेट
फिल्म "मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस" के बजट को लेकर निर्माताओं ने अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फिल्म का बजट ₹400 करोड़ से ₹500 करोड़ के बीच पहुंच सकता है, जिससे यह सलमान खान के करियर की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल हो सकती है। फिल्म को पहले 17 अप्रैल 2026 को रिलीज किया जाना था और टीजर में भी यही तारीख दिखाई गई थी। बाद में फिल्म का नाम "Battle of Galwan" से बदलकर "'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' " कर दिया गया और अतिरिक्त शूटिंग, सेंसर तथा अन्य प्रक्रियाओं के कारण रिलीज टाल दी गई। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फिल्म की रिलीज आगे बढ़ा दी गई है और मेकर्स नई तारीख पर काम कर रहे हैं।
