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विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
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कांग्रेस को झटका : 14 घंटे 26 मिनट चली बहस, साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव फेल

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। प्रस्ताव पर 14 घंटे 26 मिनट तक चली मैराथन बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा भी हुआ। चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 18 Jul 2026, 08:43 AM · अपडेट: 28 Oct 2026, 06:54 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ विधानसभा से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में औंधे मुंह गिर गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चली मैराथन बहस के बाद आखिरकार यह प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। विधानसभा में यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और लंबा रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे शुरू हुई यह चर्चा रात के 2:36 बजे तक यानी पूरे 14 घंटे 26 मिनट तक खिंची। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच ऐसी तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ कि एक बार तो सदन की कार्यवाही तक रोकनी पड़ी। कुल 18 विधायकों ने इस पूरी चर्चा में हिस्सा लिया। 

महंत ने साय सरकार पर उठाए सवाल

प्रस्ताव खारिज होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शीतकालीन सत्र बुलाया जाएगा। चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार की 136 हफ्तों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने 136 बिंदुओं का हवाला देते हुए सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया और आरोप लगाया कि यह शासन आदिवासी, महिला, किसान और युवा विरोधी है। 

सत्तापक्ष ने भी किया पलटवार 

पलटवार करने में सत्तापक्ष ने भी देर नहीं की। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सबसे ज्यादा लूट तो कांग्रेस के राज में हुई थी, इसलिए विपक्ष को पहले खुद आईना देखना चाहिए। सदन में माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी हिडमा के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम जोड़ दिया। 

सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित 

इस बयान पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव (भिलाई नगर) ने कड़ा विरोध जताया और सबूत मांगते हुए पूछा कि राहुल गांधी ने हिडमा के समर्थन वाली पोस्ट को कब रीपोस्ट किया? बात इतनी बढ़ी कि सत्तापक्ष ने देवेंद्र यादव के हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज) पर आपत्ति जता दी। भारी हंगामे को देखते हुए स्पीकर को सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
भ्रष्टाचार में PhD की होती तो विपक्ष टॉपर होता' — मुख्यमंत्री साय 
"कांग्रेस के 5 साल सिर्फ 'राजा और महाराजा' की आपसी लड़ाई और अपनी कुर्सी बचाने के खेल में बीत गए। इन्होंने महिलाओं से ₹500 का वादा किया था जो कभी पूरा नहीं हुआ। इनके घोषणा पत्र के 36 वादे अधूरे ही रह गए।"

अगली बार प्रदेश में 70 से ज्यादा सीटें 

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज हमारी सरकार 'महतारी वंदन योजना' के जरिए महिलाओं को सीधे ₹1,000 दे रही है। उन्होंने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अगर भ्रष्टाचार में कोई पीएचडी की डिग्री होती, तो विपक्ष के लोग उसमें विशेषज्ञ होते। अंत में साय ने दावा किया कि जनता के भरोसे के दम पर अगली बार भाजपा प्रदेश में 70 से ज्यादा सीटें जीतकर आएगी।
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