विदेश दौरे से लौटते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस के भीतर मची भीषण अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए उन्होंने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक बेहद अहम और हाई-लेवल मीटिंग की।
माना जा रहा है कि इस बैठक का इकलौता एजेंडा अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य संगठन में मचे घमासान को रोकना है। इस संकट की गंभीरता को देखते हुए आलाकमान ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल को तुरंत दिल्ली तलब कर लिया है।
बंद कमरे में हुई चर्चा
बघेल आज शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद पंजाब के इस सियासी गतिरोध को सुलझाने के लिए कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई इस आपात बैठक में संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। बंद कमरे में हुई इस चर्चा को लेकर सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पंजाब के नाराज धड़े की बात सुनने और उनकी चिंताओं को दूर करने के पक्ष में हैं। वे राज्य इकाई में चल रही 'बगावत' को खींचने के बजाय तुरंत रफा-दफा करना चाहते हैं।
पार्टी की सबसे बड़ी चिंता
कांग्रेस लीडरशिप इस बात को अच्छे से समझती है कि अगर गुटबाजी और आपसी सिरफुटव्वल का यही हाल रहा, तो पार्टी के लिए पंजाब चुनाव की वैतरणी पार करना नामुमकिन हो जाएगा। पंजाब कांग्रेस में जारी इस घमासान की मुख्य जड़ अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला है। आलाकमान के इस फैसले से राज्य के कई दिग्गज नेता बेहद नाराज हैं और उन्होंने खुलकर बगावती तेवर अपना लिए हैं।
विरोधी खेमा: पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे कद्दावर चेहरे इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
दिग्गजों का साथ: पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी राजा वड़िंग को दोबारा कमान सौंपने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी भूपेश के कंधों पर
इस पूरे विवाद को सुलझाने का जिम्मा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के कंधों पर है। जमीनी हकीकत को करीब से भांपने के लिए बघेल पिछले कुछ दिनों से पंजाब के दौरे पर थे। वहां उन्होंने नाराज नेताओं और अलग-अलग गुटों से एक-एक कर बात की और उनकी शिकायतें सुनीं। बघेल ने राज्य के सियासी समीकरणों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
क्या निकले बीच रास्ता
आज दिल्ली में होने वाली इस बड़ी बैठक में वह आलाकमान के सामने राज्य की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट रखेंगे। अब देखना यह होगा कि गांधी परिवार और खरगे की जोड़ी पंजाब कांग्रेस के इस अंदरूनी तूफान को थामने के लिए क्या बीच का रास्ता निकालते हैं।