दतिया उपचुनाव : आज नामांकन के साथ बीजेपी-कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, दिग्गजों की मौजूदगी में खिंची चुनावी बिसात
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। दोनों दल नामांकन रैली के जरिए अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं, जिसमें प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। चुनावी जंग अब अपने सबसे दिलचस्प मोड़ पर है, क्योंकि आज (सोमवार) बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के उम्मीदवार अपना-अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं।
पर्चा भरने के इस बहाने दतिया की सड़कों पर दोनों ही खेमे अपनी-अपनी ताकत का अहसास कराने यानी भारी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के दिग्गज चेहरे घनश्याम सिंह के बीच है। दोनों दलों ने इस सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। नामांकन के बहाने दतिया में आज मध्य प्रदेश के शीर्ष नेताओं का मेला लगने जा रहा है।
माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में
बात अगर सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की करें, तो बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया पहुंच रहे हैं। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और क्षेत्र के कद्दावर नेता व पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत अंचल के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहेंगे। सुबह से ही बीजेपी दफ्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया है, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है।
पार्टी के दिग्गज उतरे मैदान में
दूसरी तरफ, कांग्रेस भी पीछे रहने के मूड में नहीं है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के नामांकन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने अपने दिग्गजों को मैदान में उतार दिया है। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जैसे बड़े नेता दतिया में हुंकार भरेंगे। साफ है कि दोनों ही दल नामांकन रैली के जरिए जनता और विरोधियों को अपनी ताकत का ट्रेलर दिखाना चाहते हैं।
कद्दावर नेताओं की लगी ड्यूटी
दतिया की इस चुनावी जंग में असल खेल जातीय समीकरणों को साधने का है। जैसे ही उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ, वैसे ही दोनों दलों ने जातिगत गणित को सुलझाना शुरू कर दिया। इस बार का चुनाव एक तरह से 'जातीय महादंगल' बन चुका है। बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ने ही दतिया के अलग-अलग समाज और वर्गों को अपने पाले में लाने के लिए उन्हीं वर्गों से ताल्लुक रखने वाले अपने कद्दावर नेताओं की ड्यूटियां लगा दी हैं। पर्दे के पीछे की यह गोटियां ही तय करेंगी कि जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा।
क्यों हो रहा है चुनाव और कब आएंगे नतीजे?
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने की वजह से हो रहा है। अचानक खाली हुई इस सीट ने दतिया को सूबे की राजनीति का केंद्र बना दिया है।
अब दतिया की जनता इस सियासी रण में किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधती है, इसका फैसला 3 अगस्त को ईवीएम खुलने के साथ ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, आज होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।