छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में पत्नी को प्रताड़ित करने और नाबालिग बेटे से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगवाने के मामले में आरोपी वसीम मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न्यायालय से एक दिन का प्रोडक्शन वारंट लेकर आरोपी को जेल से बाहर निकाला और घटनास्थल पर ले जाकर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की।
पुलिस टीम ने आरोपी को मौके पर ले जाकर घटनाक्रम से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और जांच से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाए। पूछताछ के दौरान आरोपी से ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे भी लगवाए गए।
बच्चे के जन्म के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
मामला तब सामने आया जब कोरबा जिले की रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने 29 मई 2026 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस को बताया कि जोगीडीपा निवासी वसीम मोहम्मद (43) ने खुद को तलाकशुदा बताया था। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच संबंध बने और साल 2021 में मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी कर ली। महिला का आरोप है कि शादी के समय वसीम ने अपनी पहली पत्नी और बच्चों की जानकारी छिपाई थी। बाद में उसे पता चला कि वसीम पहले से शादीशुदा है और उसके पांच बच्चे भी हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी से पहले वसीम का व्यवहार ठीक था, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू हो गई।
आरोपी पर मारपीट का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मुस्लिम समाज में आने के बाद उसके लिए वापस अपने पुराने सामाजिक दायरे में लौटना आसान नहीं था। इसी स्थिति का वसीम ने फायदा उठाया और उसके साथ अत्याचार करता रहा। महिला ने बताया कि जब उसने शिकायत दर्ज कराई, उस समय वसीम पहले से किसी अन्य मामले में जेल में बंद था। महिला ने आरोप लगाया कि वसीम उसके और बच्चों के साथ लगातार मारपीट करता था, और आरोपी बच्चों से जबरन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगवाता था और हिंदुस्तान के खिलाफ अपशब्द बोलने के लिए मजबूर करता था। महिला ने पुलिस को बताया कि वह अब वसीम के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहती और अपने बच्चों को भी उसके पास नहीं छोड़ना चाहती। आरोपी के जेल जाने के बाद वह महिला थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी वसीम मोहम्मद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 351, 152, 197 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है।पूछताछ के बाद आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की जा रही है। गंभीरता को देखते हुए जांच की निगरानी डीएसपी उन्नति ठाकुर कर रही हैं। वहीं विवेचना की जिम्मेदारी पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को दी गई है। जांच के दौरान पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर आरोपी को एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया। पूछताछ और घटनास्थल निरीक्षण की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले मामलों और अन्य गंभीर आरोपों में पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।