केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों के करीब 10 दिन बाद आखिरकार कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता वी. डी. सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुन लिया है। इस घोषणा के साथ ही केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से यह चर्चा थी कि कांग्रेस हाईकमान केसी वेणुगोपाल को राज्य की कमान सौंप सकता है, लेकिन अंतिम दौर में बाजी वीडी सतीशन के हाथ लगी।
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया कि मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला नवनिर्वाचित विधायकों, यूडीएफ गठबंधन सहयोगियों और केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की चर्चा के बाद लिया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन और विधानसभा दोनों स्तरों पर मजबूत पकड़ होने के कारण सतीशन को प्राथमिकता दी गई।
क्यों सतीशन के नाम पर लगी मुहर?
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय नवनिर्वाचित विधायकों की राय और गठबंधन सहयोगियों के साथ गहन मंथन के बाद लिया गया है। सतीशन को कमान मिलने के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:
सक्रिय नेतृत्व: सतीशन लंबे समय से केरल की राजनीति में एक प्रभावी चेहरा रहे हैं।
विपक्ष की दमदार आवाज: नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने सदन में सरकार को कई बार घेरा, जिससे उनकी छवि एक लड़ाकू नेता की बनी है।
संगठन पर पकड़: केरल कांग्रेस के भीतर उनकी स्वीकार्यता और जमीनी पकड़ ने केसी वेणुगोपाल जैसे दिग्गजों पर उन्हें बढ़त दिलाई।
छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक: वीडी सतीशन का सफर
वीडी सतीशन का राजनीतिक करियर संघर्ष और निरंतरता की कहानी है। उनके सफर के कुछ प्रमुख पड़ाव नीचे दिए गए हैं:
प्रारंभिक जीवन: 31 मई 1964 को एर्नाकुलम के नेटूर में जन्मे सतीशन ने कानून (LLM) और समाज कार्य (MSW) में उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
कानूनी करियर: राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक केरल हाई कोर्ट में वकील के रूप में काम किया।
सियासी शुरुआत: छात्र राजनीति से करियर शुरू करने वाले सतीशन 1986-87 में महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी यूनियन के अध्यक्ष रहे।
चुनावी रिकॉर्ड: 1996 में अपनी पहली हार से सबक लेते हुए, उन्होंने 2001 में परवूर सीट से पहली जीत दर्ज की। तब से लेकर आज तक वे लगातार अजेय रहे हैं।
बड़ी जिम्मेदारी: मई 2021 में उन्हें रमेश चेन्निथला की जगह नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था, जहाँ से उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक उत्तराधिकारी साबित किया।
क्या होगा आगे?
सतीशन के नाम की घोषणा ने उन अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है जिनमें केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। अब सबकी नजरें सतीशन के मंत्रिमंडल गठन पर टिकी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विरोधियों ने भी अपनी रणनीतियां बदलनी शुरू कर दी हैं।
"यह जीत कार्यकर्ताओं के संघर्ष और जनता के विश्वास की है। हम केरल के विकास के लिए एक नई और पारदर्शी सरकार देंगे।" — वीडी सतीशन (मनोनीत मुख्यमंत्री)

