होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के बाद हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन टैंकरों पर हुए हमलों के बाद स्थिति फिर बदल गई है। इसके बाद अमेरिका ने ईरान को तेल उत्पादन और बिक्री से जुड़ी दी गई अस्थायी प्रतिबंध छूट तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस फैसले का असर वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला
पिछले 24 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास 3 व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। अमेरिका का आरोप है कि इन हमलों के पीछे ईरान की सैन्य इकाइयों की भूमिका है। हालांकि ईरान की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तेल बिक्री पर मिली छूट वापस
अमेरिका ने कुछ समय पहले अंतरिम समझौते के तहत ईरान को सीमित अवधि के लिए तेल उत्पादन और बिक्री की अस्थायी अनुमति दी थी। अब अमेरिकी वित्त विभाग ने इस आदेश को संशोधित करते हुए छूट वापस ले ली है। इसके साथ ही ईरानी तेल के निर्यात पर पहले जैसी पाबंदियां फिर लागू हो गई हैं।अमेरिकी कार्रवाई भी तेज
इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ रणनीतिक इलाकों में सैन्य कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।...
तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।वार्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं
तनाव बढ़ने के बावजूद अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। यदि वार्ता सफल रहती है तो क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।