ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' की संपत्तियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सरायपाली क्षेत्र के ग्राम ललितपुर में पानी टंकी निर्माण और पाइप फिटिंग कार्य से कीमती लोहे के पाइप चोरी करने वाले कुल 8 आरोपियों को भंवरपुर चौकी पुलिस ने धर दबोचा है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ सरकारी संपत्ति की बरामदगी हुई है, बल्कि कबाड़ के अवैध धंधे में शामिल अपराधियों के नेटवर्क को भी करारा झटका लगा है। पकड़े गए सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पाना-पेंचिस की एक मांग ने खोला राज
मामले की शुरुआत प्रार्थी सुनील अग्रवाल की शिकायत से हुई, जिन्होंने ललितपुर में चल रहे नल-जल योजना के कार्यस्थल से भारी-भरकम लोहे के पाइप गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल, सक्रिय मुखबिरों और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को एक बेहद अहम और ग्राउंड-लेवल इनपुट मिला। घटना वाली रात निर्माण स्थल के पास रहने वाले एक ग्रामीण से कुछ संदिग्ध युवकों ने 'पाना और पेंचिस' (औजार) मांगा था। बस इसी एक सुराग को पकड़कर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और कड़ियों को जोड़ते हुए संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
लोहे के पाइप तोड़कर कबाड़ में खपाने की थी साजिश
सघन पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि रात के अंधेरे में सरकारी पाइप चोरी करने के बाद, वे उन्हें भारी पत्थरों से तोड़कर टुकड़ों में बदल देते थे, ताकि उन्हें आसानी से कबाड़ (स्क्रैप) के रूप में बेचा जा सके और किसी को शक न हो।
पुलिस ने मुख्य चोरों की निशानदेही पर कबाड़ की कड़ियों को खंगाला और सागपाली से कबाड़ के अवैध कारोबारियों को भी दबोच लिया, जो इस सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाने में मदद कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 50,000 रुपये मूल्य के 4 नग भारी लोहे के पाइप (टुकड़ों में) बरामद कर लिए हैं।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 8 आरोपी (नाम और विवरण)
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
| क्र. | आरोपी का नाम और पिता का नाम | उम्र | निवासी | भूमिका |
| 1 | टिकेलाल दीवान (पिता: होरीलाल दीवान) | 25 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | मुख्य चोर / योजनाकर्ता |
| 2 | किशोर कुमार निषाद (पिता: अमर सिंह निषाद) | 23 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | मुख्य चोर |
| 3 | किशन निषाद (पिता: संपत्ति निषाद) | 21 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | मुख्य चोर |
| 4 | जयकुमार निषाद (पिता: चित्रा सिंह निषाद) | 24 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | मुख्य चोर |
| 5 | राजू यादव (पिता: अमित यादव) | 23 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | मुख्य चोर |
| 6 | पीयूष दीवान (पिता: राजेश दीवान) | 18 वर्ष | बमनिधिही, चौकी भंवरपुर (बसना) | सहयोगी / चोर |
| 7 | गणपत मिर्धा (पिता: स्व. विदेशी राम मिर्धा) | 44 वर्ष | सागपाली | कबाड़ खरीदार / रिसीवर |
| 8 | खगेश मिर्धा (पिता: घासी राम मिर्धा) | 24 वर्ष | सागपाली | कबाड़ खरीदार / रिसीवर |
नई धाराओं (BNS) के तहत कड़ी कार्रवाई, सीधे जेल
अब अपराधियों के लिए कानून और भी सख्त हो चुका है। पुलिस ने इस मामले में पारंपरिक धाराओं के बजाय नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(E) और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी सजा और गैर-जमानती वारंट का प्रावधान है। न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।
ताज़ा अपडेट और पुलिस की चेतावनी
कबाड़ माफियाओं पर पुलिस की पैनी नजर:
जिला पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र के सभी कबाड़ दुकानों (स्क्रैप डीलर्स) की औचक चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कबाड़ी चोरी का सरकारी सामान, बिजली के तार या नल-जल योजना के पाइप खरीदते पाया गया, तो उसे भी मुख्य आरोपी मानकर जेल भेजा जाएगा।
यह कार्रवाई उन तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जनता के हक के पानी और सरकारी विकास योजनाओं में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं।
