जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह ने जल जीवन मिशन की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान योजना में ढिलाई बरतने और काम की सुस्त रफ्तार को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने 5 ठेकेदारों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि यदि इन ठेकेदारों ने तुरंत काम शुरू नहीं किया, तो उनका अनुबंध रद्द करने के साथ-साथ पेनल्टी लगाने और उन्हें सरकारी काम से डिबार (ब्लैकलिस्ट) करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समय सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 'हर घर जल' पहुंचाने की इस महत्वाकांक्षी योजना में गुणवत्ता और समय सीमा सर्वोपरि है। उन्होंने विभागीय अफसरों और सब-इंजीनियरों को निर्देश दिए कि वे कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय खुद मैदानी स्तर पर जाकर नियमित निरीक्षण करें और वास्तविक प्रगति की रिपोर्ट सौंपें।
आपसी समन्वय से दूर होंगी व्यावहारिक दिक्कतें
चर्चा के दौरान मौजूद ठेकेदारों ने मैदान पर काम आगे बढ़ाने में आ रही कई व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर लंगेह ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), विद्युत विभाग और पंचायत विभाग को आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर इन रुकावटों का जल्द से जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का लाभ बिना किसी देरी के ग्रामीणों को मिल सके।
298 गांव हो चुके हैं पूरी तरह कवर
बैठक के दौरान PHE के कार्यपालन अभियंता देवप्रकाश वर्मा ने बताया कि जिले के 298 गांवों में निर्माण कार्य पूरे कर 'हर घर जल' का प्रमाणीकरण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 100 से भी अधिक अन्य गांवों में प्रमाणीकरण प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर रवि साहू, बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता पी.आर. वर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित रहे।