बैल बचाने उतरे तीन युवकों की मौत : कुएं में मिले मीथेन गैस के संकेत, गांव में शोक की लहर
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। अमरपाटन क्षेत्र के खरमसेड़ा गांव में कुएं में उतरने के दौरान तीन युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है। हादसे की वजह को लेकर ग्रामीणों के बीच अलग-अलग चर्चाएं हैं, जबकि शुरुआती जांच में कुएं के भीतर जहरीली गैस होने के संकेत मिले हैं।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। अमरपाटन क्षेत्र के खरमसेड़ा गांव में कुएं में उतरने के दौरान तीन युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है। हादसे की वजह को लेकर ग्रामीणों के बीच अलग-अलग चर्चाएं हैं, जबकि शुरुआती जांच में कुएं के भीतर जहरीली गैस होने के संकेत मिले हैं। प्रशासन ने वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
बैल को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 3 जुलाई को गांव का एक बैल कुएं में गिर गया था। उसे बाहर निकालने के लिए सबसे पहले एक युवक कुएं में उतरा, लेकिन काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा। उसकी तलाश में दूसरा युवक नीचे गया, लेकिन वह भी बाहर नहीं आया। इसके बाद तीसरा युवक भी कुएं में उतरा और कुछ ही देर में वह भी अचेत हो गया। ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जांच में मीथेन गैस के मिले संकेत
घटना की सूचना मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कुएं के भीतर गैस और ऑक्सीजन के स्तर की जांच की। क्षेत्रीय अधिकारी गणेश कुमार बैगा के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षण में कुएं के अंदर मीथेन गैस का स्तर करीब 12,900 पीपीएम दर्ज किया गया। वहीं ऑक्सीजन की मात्रा केवल 12 से 13 प्रतिशत पाई गई, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह लगभग 21 प्रतिशत होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑक्सीजन की इतनी कमी और जहरीली गैसों की मौजूदगी किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।हालांकि प्रशासन ने ऐसे अनौपचारिक परीक्षणों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।