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प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनीं नीलिमा देवांगन, अब घर से चला रहीं सिलाई का व्यवसाय
प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनीं नीलिमा देवांगन, अब घर से चला रहीं सिलाई का व्यवसाय
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प्रशिक्षण : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदली नीलिमा की जिंदगी, सिलाई से बनीं आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मोहला की नीलिमा देवांगन ने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर घर से स्वरोजगार शुरू किया। आज वे हर महीने 5 से 6 हजार रुपये की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और भविष्य में अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने की तैयारी कर रही हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 26 Jul 2026, 11:47 AM · अपडेट: 30 Oct 2026, 03:19 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 
इसी योजना का लाभ लेकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम मोहला की निवासी नीलिमा देवांगन ने अपने जीवन को नई दिशा दी है। आज वे अपने घर से सिलाई का सफल स्वरोजगार संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

प्रशिक्षण ने बदला जीवन का नजरिया

नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की जानकारी उन्हें अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, मशीन संचालन, परिधानों की कटिंग एवं सिलाई सहित व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

हुनर बना आजीविका का आधार, घर बैठे मिल रहा रोजगार

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीलिमा ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से सिलाई का कार्य प्रारंभ किया और आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर रही हैं। स्वरोजगार के पहले ही माह से उन्हें लगभग 5 से 6 हजार रुपए प्रतिमाह की नियमित आय होने लगी। यह आय उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। नीलिमा देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें केवल एक हुनर ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं और भविष्य में अपने स्वरोजगार का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने की इच्छा रखती हैं।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना युवाओं को हुनर के साथ आत्मविश्वास भी दे रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
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