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Discussion among tribal representatives (Image Source: AI Photo)
Discussion among tribal representatives (Image Source: AI Photo)
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Uniform Civil Code Chhattisgarh: आदिवासी समाज की परंपराओं को लेकर समिति ने सुने सुझाव, रीति-रिवाज सुरक्षित रखने का दिया भरोसा

Uniform Civil Code Chhattisgarh: समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रायपुर में हुई परिचर्चा में आदिवासी प्रतिनिधियों ने परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर जोर दिया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 02 Sep 2026, 03:38 PM · अपडेट: 16 Oct 2026, 05:23 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Uniform Civil Code Chhattisgarh समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। ड्राफ्ट तैयार कर रही समिति का पूरा ध्यान इस बात पर है कि प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत पर कोई आंच न आए। समिति ने आदिवासी समाज के प्रमुखों को भरोसा दिलाया है कि उनका पारंपरिक सामाजिक ढांचा और रीति-रिवाज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर राज्य में सियासत भी गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस का दावा है कि UCC लागू होने से आदिवासियों की सदियों पुरानी परंपराएं खत्म हो जाएंगी। हाल ही में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक अहम परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें बस्तर से लेकर सरगुजा तक के आदिवासी प्रतिनिधियों और अलग-अलग राज्य आयोगों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में मुख्य रूप से:

  • विवाह और तलाक के नियम

  • भरण-पोषण (मायना)

  • संपत्ति में उत्तराधिकार

  • लिव-इन रिलेशनशिप

जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई और प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव समिति के सामने रखे।

सामाजिक सुरक्षा का उठाया मुद्दा

कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि कानून बनाते समय उनकी पारंपरिक प्रथाओं और सांस्कृतिक पहचान को बचाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही विवाह पंजीयन और संपत्ति के अधिकारों को लेकर व्यवहारिक सुझाव भी दिए गए। परिचर्चा में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भरण-पोषण और वैवाहिक अधिकारों के मामले में एक मजबूत और समान व्यवस्था होनी चाहिए ताकि महिलाओं को उनका हक मिल सके। 

संपत्ति और विवाह में बराबरी का दर्जा 

वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने भी लोककला और जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को संपत्ति और विवाह से जुड़े मामलों में बराबरी का दर्जा देने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान UCC समिति के सदस्य एम.के. राउत, मोहन पवार, ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े मौजूद रहे। उन्होंने सभी पक्षों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और प्राप्त सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करने के लिए दर्ज किया।

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