US Green Card: अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में होने वाले इमिग्रेंट वीजा इंटरव्यू को अस्थायी रूप से रोक दिया है। पहले से निर्धारित कई इंटरव्यू भी आगे के लिए रीशेड्यूल किए जा रहे हैं। इस फैसले से विदेशों में अमेरिकी दूतावासों के जरिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पूरी कर रहे भारतीय आवेदकों की प्रतीक्षा अवधि बढ़ने की आशंका है।
हालांकि, इस फैसले से आवेदकों की प्रायोरिटी डेट में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन रोक लंबे समय तक जारी रहने पर वीजा जारी करने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और बड़ी संख्या में मामले लंबित हो सकते हैं।
क्यों रोके गए वीजा इंटरव्यू?
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कॉन्सुलर अधिकारियों के लिए एक वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत अधिकारियों को यह आकलन करने की ट्रेनिंग दी जाएगी कि कोई आवेदक अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकता है या नहीं। जिन आवेदकों के इंटरव्यू पहले से निर्धारित थे, उन्हें नई तारीख और समय बाद में दिए जाने की जानकारी भेजी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशिक्षण कब पूरा होगा और सामान्य वीजा प्रक्रिया कब बहाल की जाएगी।
आवेदकों पर नहीं पड़ेगा समान असर
यह रोक मुख्य रूप से अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के जरिए होने वाली इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया से संबंधित है। अमेरिका के भीतर रहकर USCIS के माध्यम से स्टेटस एडजस्टमेंट के लिए आवेदन करने वालों पर इसका सीधा प्रभाव नहीं बताया गया है। इसके अलावा, रोक से किसी आवेदक की प्रायोरिटी डेट समाप्त या अपने आप पीछे नहीं होती। प्रायोरिटी डेट की स्थिति वार्षिक ग्रीन कार्ड कोटे, कैटेगरी की सीमा, प्रति देश निर्धारित लिमिट और आवेदनों की मांग से तय होती है।
भारतीयों के लिए कितना है ग्रीन कार्ड का इंतजार?
- EB-1: 15 अक्टूबर 2022
- EB-2: अनुपलब्ध (U)
- EB-3: 1 जनवरी 2014
- EB-3 अन्य कर्मचारी: 1 जनवरी 2014
ग्रीन कार्ड या इमिग्रेंट वीजा तभी जारी हो सकता है, जब आवेदक की प्रायोरिटी डेट लागू फाइनल एक्शन डेट से पहले की हो। EB-2 के सामने ‘U’ लिखे होने का अर्थ है कि सितंबर में भारत के लिए इस कैटेगरी में कोई वीजा नंबर उपलब्ध नहीं है।
दस्तावेज जमा करने की तारीखें
सितंबर 2026 के वीजा बुलेटिन में भारत के लिए आवेदन जमा करने की तारीखें इस प्रकार दी गई हैं:
- EB-1: 1 दिसंबर 2023
- EB-2: 1 जनवरी 2022
- EB-3: 15 जनवरी 2015
क्या वेटिंग लाइन और पीछे जा सकती है?
इंटरव्यू पर रोक से प्रायोरिटी डेट सीधे पीछे नहीं जाती। हालांकि, लंबे समय तक इंटरव्यू नहीं होने से ऑपरेशनल बैकलॉग बढ़ सकता है। संबंधित वित्तीय वर्ष में पूरे नहीं हो पाने वाले मामलों को बाद में उपलब्ध वीजा नंबरों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। यदि किसी कैटेगरी में मांग अधिक हो जाती है या वार्षिक सीमा पूरी हो जाती है, तो विदेश मंत्रालय फाइनल एक्शन डेट पीछे कर सकता है। इसे ‘रेट्रोगेशन’ कहा जाता है। ऐसी स्थिति में आवेदकों को प्रायोरिटी डेट दोबारा करंट होने तक इंतजार करना पड़ेगा।
किन भारतीय आवेदकों को सबसे ज्यादा खतरा?
पहले से ओवरसब्सक्राइब कैटेगरी में मौजूद आवेदकों को सबसे अधिक अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।
- EB-2 आवेदक: भारत की वार्षिक सीमा पूरी होने के कारण यह कैटेगरी सितंबर के लिए अनुपलब्ध है।
- EB-1 आवेदक: 15 अक्टूबर 2022 के आसपास की प्रायोरिटी डेट वाले आवेदकों को आगे बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने मांग बढ़ने पर कैटेगरी अनुपलब्ध होने की चेतावनी दी है।
- EB-3 आवेदक: 1 जनवरी 2014 की पुरानी कट-ऑफ डेट के कारण बाद की प्रायोरिटी डेट वाले आवेदक दस्तावेज पूरे होने के बावजूद कतार में बने रहेंगे।
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