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विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण
विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण
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विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण : स्काईरूट ने रचा इतिहास, श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ पहला प्राइवेट रॉकेट

स्काईरूट एयरोस्पेस ने 18 जुलाई 2026 को विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रच दिया है। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए इस पहले निजी रॉकेट

प्रकाशित: 18 Jul 2026, 01:03 PM · अपडेट: 30 Jul 2026, 08:31 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

भारत की पहली निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई 2026 को एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया है। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा केंद्र से किया गया। इस ऐतिहासिक उड़ान को दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर लॉन्च किया गया। हालांकि इससे पहले सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इस बड़े अभियान को शुरू किया जाना था। लेकिन आखिरी पलों में कुछ तकनीकी कारणों से उल्टी गिनती को अचानक रोकना पड़ गया था। इसके बाद अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पूरी स्थिति को संभाला और प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया। नतीजतन विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण अपने नए तय समय पर शानदार तरीके से पूरा हो सका।

आखिरी पलों में रुकी सांसें और फिर रचा इतिहास

श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर शनिवार सुबह भारी गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार यह प्रक्षेपण सुबह होना था। लेकिन तकनीकी जांच के दौरान कुछ दिक्कतों के कारण काउंटडाउन को बीच में ही रोकना पड़ा। यही वजह है कि केंद्र पर मौजूद सभी वैज्ञानिकों और दर्शकों की सांसें कुछ पल के लिए थम सी गई थीं। इसके बाद जांच टीम से हरी झंडी मिलते ही इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र पर दिखेगा इसका बड़ा प्रभाव

इस बड़ी सफलता के बाद भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। अब हमारे पास अपनी खुद की निजी स्पेस कंपनियां मौजूद हैं। इसके अलावा अब देश में बेहद कम लागत पर उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करना आसान हो जाएगा। स्काईरूट कंपनी का यह कदम भविष्य में वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी को मजबूत करेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अधिकारियों ने भी इस कामयाबी पर खुशी जताई है। इसके बाद अब आने वाले समय में कई और बड़े कमर्शियल लॉन्च देखने को मिलेंगे।

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