बागबाहरा। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ, बागबाहरा के बैनर तले वर्ष 1998-99 में नियुक्त एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने मांग की कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णयों को तत्काल लागू करते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएं। उनका कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अब तक कार्रवाई लंबित है।
संविलियन का दिया हवाला
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 1998-99 में उन्हें नियमित पदों के विरुद्ध एल.बी. संवर्ग के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2001 में नियमितिकरण और 2018 में शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। इसके बावजूद पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
12 हजार शिक्षकों की सेवानिवृत्ति पर संकट
संघ ने बताया कि वर्तमान में लगभग 12 हजार शिक्षक सेवानिवृत्ति की स्थिति में हैं, जबकि कई शिक्षक दिवंगत हो चुके हैं। पेंशन एवं ग्रेच्युटी के अभाव में उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
सरकारी आदेशों में विसंगति का आरोप
शिक्षकों ने कहा कि भारत सरकार के 2020 के आदेश के अनुसार 2004 के पूर्व नियुक्त कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में एल.बी. संवर्ग को इससे वंचित रखा गया है, जो अन्यायपूर्ण है।
हाईकोर्ट के फैसलों का उल्लेख
संघ ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने याचिका क्रमांक WPS 647/2021 एवं 325/2026 में शिक्षकों के पक्ष में निर्णय दिया है, बावजूद इसके आदेश का पालन नहीं किया गया है।
विधायक का आश्वासन
ज्ञापन लेने के बाद विधायक द्वारिकाधीश यादव ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा और उचित पहल की जाएगी।
शिक्षक संघ के पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर खेदूराम चन्द्राकर, पिताम्बर बंजारा, भोपाल बंजारा, शिवनारायण तिवारी, जगदीश पटेल, रामजी टंडन, प्रेमचंद डडसेना, पंचराम पांडे, भेखलाल सेन, बलराम चन्द्राकर, उदेशराम निराला, ऋतु साहू, सुखराम मिर्धा, लीलाचंद पटेल एवं भरत तंबोली सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
