समुद्र के नीचे सुरंग बनाना इंजीनियरिंग की दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक माना जाता है, लेकिन चीन ने इस क्षेत्र में बड़ी तकनीकी छलांग लगाई है। चीन ने अपनी नई टर्नरी मिक्स्ड गैस तकनीक का सफल इस्तेमाल कर दुनिया की सबसे लंबी अंडरसी हाई-स्पीड रेल टनल बनाने का रास्ता आसान कर दिया है।
16-18 किमी लंबी होगी जिनतांग अंडरसी टनल
यह मेगा प्रोजेक्ट पूर्वी चीन के निंगबो और झोउशान के बीच बन रही जिनतांग अंडरसी टनल है। इसकी लंबाई 16.18 किलोमीटर होगी और यह पूरी तरह समुद्र के नीचे बनने वाली दुनिया की सबसे लंबी हाई-स्पीड रेल टनल मानी जा रही है।
चैनल टनल से कैसे अलग है?
अभी दुनिया की सबसे लंबी अंडरसी टनल चैनल टनल है, जिसकी कुल लंबाई 50 किमी है। लेकिन उसका पूरा हिस्सा समुद्र के नीचे नहीं है। वहीं जिनतांग टनल पूरी तरह समुद्री जल के नीचे बनाई जा रही है, जो इसे तकनीकी रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है।
सबसे बड़ी चुनौती: समुद्र के नीचे दबाव
टनल का सबसे गहरा हिस्सा समुद्र तल से करीब 78 मीटर नीचे है, जहां पानी और मिट्टी का दबाव 0.85 मेगापास्कल तक पहुंचता है। सामान्य कंप्रेस्ड एयर तकनीक इतनी गहराई पर सुरक्षित नहीं मानी जाती, इसलिए नई तकनीक की जरूरत थी।
क्या है ‘टर्नरी मिक्स्ड गैस’ तकनीक?
इस तकनीक में हीलियम, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण तैयार किया जाता है, जिससे टनल के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित सांस लेने में मदद मिलती है। इससे हाई-प्रेशर वातावरण में काम करना पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो जाता है।
113 मॉड्यूल वाला हाई-टेक सिस्टम
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गैस सिस्टम में 113 अलग-अलग मॉड्यूल लगाए गए हैं, जो 0.5 से 1 मेगापास्कल तक के दबाव में काम कर सकते हैं। इसका उपयोग खासतौर पर टनल बोरिंग मशीन के सबसे जोखिम भरे मेंटेनेंस कार्यों में किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक टनल निर्माण नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि चीन अंडरसी कंस्ट्रक्शन और हाई-प्रेशर इंजियरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया के लिए नए तकनीकी मानक तय कर रहा है।
