महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम खोपली में ऐसा आयोजन हुआ, जिसने गांव की महिलाओं को सिर्फ जानकारी ही नहीं दी, बल्कि उन्हें जागरूक और सतर्क उपभोक्ता बनने की दिशा में नई सीख भी दी। शासकीय हाई स्कूल खोपली परिसर में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) रायपुर शाखा कार्यालय द्वारा SHINE प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रमाणिकता की पहचान के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम का आयोजन उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत BIS रायपुर शाखा कार्यालय द्वारा BIS SHINE ट्रेनर राजेश चंद्राकर के मार्गदर्शन में किया गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। गांव की महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वातावरण पूरी तरह जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से भरा नजर आया।
कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर, शासकीय हाई स्कूल खोपली के प्राचार्य भोपाल सिंह बंजारा, ग्राम पंचायत खोपली के सरपंच विद्याशागर ठाकुर तथा भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य भोपाल सिंह बंजारा ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला।
गुणवत्ता से समझौता परिवार की सुरक्षा से समझौता
प्रशिक्षण के दौरान BIS SHINE ट्रेनर राजेश चंद्राकर ने बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से महिलाओं को समझाया कि बाजार में मिलने वाले हर उत्पाद की गुणवत्ता जांचना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज उपभोक्ता जागरूकता समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। यदि लोग बिना जांचे-परखे सस्ते और नकली उत्पाद खरीदते हैं तो उसका सीधा असर परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़ता है।
उन्होंने महिलाओं को बताया कि ISI मार्क केवल एक निशान नहीं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा की सरकारी गारंटी है। इसी तरह सोने और चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्किंग उपभोक्ताओं को शुद्धता का भरोसा देती है।
BIS Care App बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने BIS Care App की लाइव डेमो प्रस्तुति दी। महिलाओं को मोबाइल ऐप के जरिए हॉलमार्क के HUID नंबर की जांच करना, उत्पाद के लाइसेंस नंबर की पहचान करना और निर्माता की सत्यता जांचने की प्रक्रिया समझाई गई।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि बाजार में कोई नकली या फर्जी उत्पाद मिले तो उपभोक्ता सीधे BIS Care App के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह जानकारी महिलाओं के लिए बेहद नई और उपयोगी साबित हुई। कई महिलाओं ने मौके पर ही ऐप डाउनलोड कर उसकी प्रक्रिया को समझा।
बच्चों की सुरक्षा से लेकर रसोई तक की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। इनमें शिशु फीडिंग बोतल की गुणवत्ता, बच्चों के खिलौनों की सुरक्षा, खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की गुणवत्ता, चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा और आभूषणों की हॉलमार्किंग जैसे विषय शामिल रहे।
महिलाओं को बताया गया कि छोटी-छोटी सावधानियां पूरे परिवार को बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। प्रशिक्षकों ने समझाया कि सस्ता उत्पाद हमेशा लाभदायक नहीं होता, बल्कि कई बार वही सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
ऐसी जानकारी गांव तक पहुंचना जरूरी
कार्यक्रम में शामिल महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। महिलाओं ने कहा कि अक्सर गांवों में लोग बिना जानकारी के सामान खरीद लेते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
35 महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों की कुल 35 महिलाओं ने भाग लिया। इनमें जय चंडी मां महिला समूह, जय भारत समूह, छाया समूह, तारिणी समूह, यमुना स्व-सहायता समूह, स्माइल धारणा महिला समूह, साधना समूह, जय मां शीतला समूह और वरुणिया समूह शामिल रहे। इसके अलावा गांव के कई गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में शासकीय हाई स्कूल खोपली की ओर से प्राचार्य भोपाल सिंह बंजारा को स्मृति चिन्ह एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों के लिए चाय, नाश्ता, पानी और फ्रूटी की व्यवस्था भी की गई थी। अंत में BIS SHINE ट्रेनर राजेश चंद्राकर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
