केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, आरंग जनपद के ग्राम पंचायत संग्राम डिघारी में लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। गांव में पिछले एक साल से पानी टंकी का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
70 प्रतिशत काम के बाद अचानक ठप पड़ा निर्माण
ग्राम पंचायत के उपसरपंच नेतराम साहू ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी टंकी निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया था। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा और लगभग 70 प्रतिशत तक काम पूरा भी हो गया, लेकिन इसके बाद ठेकेदार अचानक काम बंद कर मौके से गायब हो गया।
एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया है, जिससे योजना पूरी तरह अधर में लटक गई है।
विभागीय उदासीनता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद न तो संबंधित विभाग ने कोई सख्त कार्रवाई की और न ही ठेकेदार पर कार्य पूर्ण करने का दबाव बनाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी की जाती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
पाइपलाइन की खुदाई बनी मुसीबत
जल आवर्धन योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य मार्गों और गलियों की खुदाई की गई थी, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण पूरा गांव गड्ढों में तब्दील हो गया है।
बरसात के मौसम को देखते हुए ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। जगह-जगह खुले गड्ढे और टूटी सड़कों के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
हादसों का बढ़ा खतरा, ग्रामीणों में दहशत
अधूरी पड़ी सड़कों के कारण आए दिन ग्रामीण और मवेशी चोटिल हो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ते और अधिक खतरनाक हो गए हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उपसरपंच ने जताया रोष
उपसरपंच नेतराम साहू ने इस पूरी स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह केवल ठेकेदार की लापरवाही नहीं बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का भी परिणाम है। उन्होंने पंचायत स्तर पर भी सक्रियता की कमी का आरोप लगाया है।
सख्त कार्रवाई और जल्द पूरा हो काम
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पानी टंकी का निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत और समतलीकरण मानसून से पहले सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि गांव को नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।
डिघारी की यह स्थिति जल जीवन मिशन की जमीनी क्रियान्वयन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जहां एक ओर हर घर जल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गांवों में योजनाएं अधूरी पड़ी हुई हैं और लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
