भोपाल की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप लेता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में राष्ट्रपति से न्याय की अपील की है और निष्पक्ष जांच की मांग को जोरदार तरीके से उठाया है। वहीं, मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग भी तेज हो गई है। परिजनों का कहना है कि यदि ट्विशा ने आत्महत्या की होती, तो उनके शरीर पर चोट के निशान कैसे पाए गए। इसी सवाल को आधार बनाकर परिवार लगातार इस घटना को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या या दहेज से जुड़ी प्रताड़ना का परिणाम बता रहा है।
दहेज प्रताड़ना का दावा
परिजनों ने आरोप लगाया है कि ट्विशा को शादी के बाद से लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि ट्विशा ने अपने करीबी लोगों को भी इस प्रताड़ना के बारे में बताया था। परिवार का दावा है कि दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था, और इसी के चलते यह दुखद घटना हुई।
12 मई को मिला था शव, फंदे से लटकी मिली थीं ट्विशा
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा, जो मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं, की शादी भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाले समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई को उनके ससुराल में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला था। इस घटना के बाद से ही मामला संदिग्ध बना हुआ है। परिजनों ने शुरू से ही इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है और इसे दहेज हत्या का मामला बताया है। इसी आधार पर वे लगातार जांच की मांग कर रहे हैंराष्ट्रपति से न्याय की अपील
परिवार ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।इस मामले में अब कानूनी स्तर पर भी आवाज उठने लगी है। जबलपुर के वकील विवेक तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

