छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक स्थित खिलोरा खुर्द गांव में शुक्रवार को भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 500 एकड़ में फैली फसल को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
500 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राखnभीषण आग का कहर, फसल पूरी तरह बर्बाद
खिलोरा खुर्द गांव में आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही घंटों में मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, यह नुकसान उनके लिए बेहद बड़ा आर्थिक झटका है।
कई पशु भी झुलसे, हालत गंभीर
आग गांव के नजदीक पहुंचते ही किसानों के खलिहानों तक फैल गई। इस दौरान खलिहान में बंधे कई पशु इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। कुछ पशुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
समय पर पहुंची फायर ब्रिगेड, बड़ा हादसा टला
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो यह और भी बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी और जान-माल का नुकसान कई गुना बढ़ सकता था।
जानें कैसे फैली आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के चलते आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई। किसानों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों की तीव्रता के आगे वे असहाय नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही बोरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
किसानों की बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है, क्योंकि उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही पलों में खाक हो गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर पराली जलाने की लापरवाही या तेज गर्मी को कारण माना जा रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
