कोटर थाना क्षेत्र के कैमरी पहाड़ स्थित खनन लीज क्षेत्र में मंदिर निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, लीज क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने पहुंची पुलिस टीम के साथ ग्रामीणों ने अभद्रता की। इस दौरान शासकीय वाहनों पर पथराव किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है, जिसका वीडियो शनिवार देर शाम सामने आया।
मामले में कोटर थाना पुलिस ने सात नामजद सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, पथराव, गाली-गलौज समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। कैमरी पहाड़ स्थित 56 एकड़ की खदान का 50 वर्ष का खनन पट्टा गैवीनाथ माइंस एंड मिनरल्स के नाम स्वीकृत है। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को कुछ ग्रामीण लीज क्षेत्र के अंदर स्थित एक टीले पर मंदिर निर्माण के लिए पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर डायल-112 के साथ आरक्षक अभय सिंह मौके पर पहुंचे।
पुलिस टीम से बहस के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस का आरोप है कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया। हालात बिगड़ते देख उन्होंने थाने में सूचना दी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के अनुसार, समझाइश के दौरान कुछ लोगों ने गाली-गलौज करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी की, जिसके बाद पुलिस टीम को वहां से लौटना पड़ा।
लौटते समय पुलिस वाहनों पर पथराव का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मौके से वापस लौट रहे पुलिस वाहनों पर ग्रामीणों की ओर से पथराव किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है।खनिज विभाग ने किया लीज क्षेत्र का सीमांकन
शनिवार को खनिज विभाग की टीम भी कैमरी पहाड़ पहुंची और स्वीकृत लीज क्षेत्र का सीमांकन किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से मंदिर निर्माण के लिए किसी अन्य स्थान का चयन करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण उसी स्थान पर मंदिर निर्माण की मांग पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि कैमरी पहाड़ क्षेत्र में मंदिर निर्माण को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
आदिवासियों को आगे कर विवाद कराने का आरोप
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोग आदिवासियों को आगे कर इस तरह के विवाद खड़े कर रहे हैं, जिससे खनन गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रशासन का दावा है कि जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं विवाद के पीछे वे लोग तो शामिल नहीं हैं, जो लीज स्वीकृत होने से पहले क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।