बालोद जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई गिरावट ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने परिणामों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई करते हुए 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। प्रशासन के इस कदम से पूरे शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
परीक्षा परिणामों में भारी गिरावट
जिला शिक्षा विभाग द्वारा हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 एवं 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा की गई थी। रिपोर्ट में सामने आया कि कई विद्यालयों में परीक्षा परिणामों में 30 से 47 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों के परिणामों में गिरावट ने जिले की शैक्षणिक रैंकिंग को भी प्रभावित किया है। इस वर्ष बालोद जिला 10वीं में प्रदेश में 29वें और 12वीं में 30वें स्थान पर पहुंच गया है।
8 प्राचार्यों पर निलंबन की कार्रवाई
प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानते हुए जिन 8 प्राचार्यों को निलंबित किया है, उनमें विभिन्न विकासखंडों के स्कूल शामिल हैं—
- पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे
- शासकीय उमा विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख
- शासकीय उमा विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू
- शासकीय हाई स्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी
- शासकीय उमा विद्यालय भिरई के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार साहू
- शासकीय हाई स्कूल मोंगरी के प्राचार्य लूमन सिंह साहू
- शासकीय हाई स्कूल देवरी/द की प्राचार्य निशा मून
- पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य (नाम आदेश अनुसार)
इन सभी पर आरोप है कि इनके स्कूलों में परिणामों में लगातार गिरावट दर्ज की गई और शैक्षणिक गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई
इसके अलावा 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। इनमें कई प्रमुख विद्यालयों के नाम शामिल हैं—
- शा. सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया
- शा. हायर सेकेंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा
- सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम
- शा. उमा विद्यालय भैंसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया
- शा. उमा विद्यालय गुजरा की प्राचार्य लीना थामस
- सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे
- शा. हाई स्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर
- सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज
- शा. हाई स्कूल बागतराई के प्राचार्य हलाल खोर रात्रे
- शा. उमा विद्यालय बालक गुरूर के प्राचार्य तपेश गौतम सहित अन्य
10वीं में 2,520 विद्यार्थी फेल
जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार कक्षा 10वीं में कुल 10,551 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 10,414 के परिणाम घोषित हुए। इनमें 6,867 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,520 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे। कुल परिणाम 65.94% दर्ज किया गया।
वहीं कक्षा 12वीं में 8,782 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 8,741 के परिणाम घोषित हुए। इनमें 6,800 विद्यार्थी सफल रहे, जबकि 819 विद्यार्थी असफल हुए।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार के निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
- नियमित कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित हों
- कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएं
- परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए
- शिक्षण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
डीईओ मधुलिका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की लगातार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आगे भी किसी विद्यालय में लापरवाही या खराब प्रदर्शन पाया गया तो और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
