जिला न्यायालय परिसर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक युवक ने पुलिस अभिरक्षा में लाए गए आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज भी की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान अमृतदास डहरिया के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
एससी-एसटी एक्ट के मामले में हुई थी पेशी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तखतपुर थाने में दर्ज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के एक मामले में आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पेशी के लिए जिला न्यायालय लाया गया था। न्यायालय परिसर में पुलिस की निगरानी में कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान अमृतदास डहरिया वहां पहुंचा और पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपी को छुड़ाने का प्रयास करने लगा। पुलिसकर्मियों ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो विवाद बढ़ गया।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से की अभद्रता
शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज
घटना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांच
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। न्यायालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थानों पर शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।