छत्तीसगढ़ की राजधानी नया रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। संस्थान के हॉस्टल से 15 से अधिक लैपटॉप चोरी होने के बाद छात्रों और प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। यह मामला राखी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वारदात उस समय हुई, जब अधिकांश छात्र परीक्षा देने के लिए अपने कमरों से बाहर गए हुए थे। इसी मौके का फायदा उठाकर शातिर चोर हॉस्टल में दाखिल हुए और छात्रों के कमरों से महंगे लैपटॉप समेटकर फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से संस्थान परिसर में दाखिल हुए थे। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध युवक खुद को कामगार या कर्मचारी बताकर कैंपस के भीतर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को झांसा दिया और बिना ज्यादा पूछताछ के हॉस्टल क्षेत्र तक पहुंच गए। इसके बाद चोरों ने सुनसान कमरों को निशाना बनाते हुए कई छात्रों के लैपटॉप चोरी कर लिए। घटना के बाद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रों ने जताई सुरक्षा को लेकर नाराजगी
घटना के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है और बाहरी लोगों की आवाजाही पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी जाती। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान हॉस्टल खाली रहने की जानकारी पहले से होने के कारण ही चोरों ने इस समय को चुना। छात्रों ने संस्थान प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हॉस्टल में अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
CCTV फुटेज में दिखे संदिग्ध युवक
घटना की जानकारी मिलते ही संस्थान प्रबंधन और पुलिस हरकत में आ गई। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक बैग लेकर हॉस्टल क्षेत्र से बाहर जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। तकनीकी जांच के साथ-साथ परिसर में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। राखी थाना पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
पुलिस का कहना है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और संस्थान के सुरक्षा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं, इस घटना ने प्रदेश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
