Thursday, 15 Oct 2026 भारत
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"पौराणिक कथाओं" के लिए 14 परिणाम मिले
सूर्य ग्रहण 2027 : इतिहास का सबसे लंबा ग्रहण, 2114 तक नहीं होगा दोबारा
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सूर्य ग्रहण 2027 : इतिहास का सबसे लंबा ग्रहण, 2114 तक नहीं होगा दोबारा
2026 और 2027 में दो महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है। यह 1991 के बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा और ऐसा दृश्य 2114 तक दोबारा नहीं दिखेगा। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूरी तरह ढक देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे देखने के लिए लोगों में खास उत्साह है।
कीर्तिमान नेटवर्क 11 May 2026
तुंगनाथ धाम : बादलों के बीच बसा वह दिव्य स्थान जहाँ प्रकट हुई थीं महादेव की भुजाएं
यात्रा
तुंगनाथ धाम : बादलों के बीच बसा वह दिव्य स्थान जहाँ प्रकट हुई थीं महादेव की भुजाएं
Tungnath Temple उत्तराखंड के हिमालय में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र और ऊँचाई पर स्थित मंदिर है, जो लगभग 3,680 मीटर की ऊँचाई पर है। इसे पंच केदार में तीसरा केदार माना जाता है और यह विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिरों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की खोज की थी। शिवजी ने बैल का रूप धारण किया और उनके शरीर के विभिन्न भाग पाँच स्थानों पर प्रकट हुए, जिनमें तुंगनाथ में उनकी भुजाएँ (हाथ) प्रकट हुई थीं। इसके साथ ही इस स्थान का संबंध रामायण काल की मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है और पास स्थित Chandrashila को भगवान राम के ध्यान स्थल के रूप में भी माना जाता है।
कीर्तिमान डेस्क 07 May 2026
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