"छत्तीसगढ़ शासन" के लिए 30 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
सुप्रीम कोर्ट के टीईटी निर्णय के खिलाफ शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, अनिवार्यता शिथिल करने की मांग
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को सेवारत शिक्षकों के लिए शिथिल करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय से 20–25 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर अनावश्यक परीक्षा की बाध्यता लगाई गई है, जबकि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी लागू नहीं था। संगठन ने इसे अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र, पेंशन, वृद्धाश्रम और तीर्थ यात्रा योजनाओं से मिल रहा सम्मानजनक जीवन
छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समग्र सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रही है। राज्य में वृद्धाश्रम, पैलिएटिव केयर, वृद्धावस्था पेंशन, सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सहायता दी जा रही है। प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए आधार आधारित सीधे लाभ सुनिश्चित किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है।
पीएम-आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर सरसों की जोरदार खरीदी, 404 क्विंटल से अधिक उपार्जन दर्ज
महासमुंद जिले में पीएम-आशा (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत रबी 2025-26 में दलहन और तिलहन की सरकारी खरीदी जारी है। बसना, सरायपाली और पिटियाझर उपार्जन केंद्रों में किसानों से सरसों की खरीद की जा रही है। अब तक 27 किसानों से कुल 404.51 क्विंटल सरसों और 9.43 क्विंटल चना खरीदा गया है। सरसों का समर्थन मूल्य ₹6200 प्रति क्विंटल, चना ₹5875 और मसूर ₹7000 प्रति क्विंटल निर्धारित है। किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई गई है।
छत्तीसगढ़
मंत्री देवांगन ने कहा : गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे
गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।
छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार: 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे के निर्देश, 1 मई से 10 जून तक लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर
छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को 30 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों—जैसे भूमि विवाद, मनरेगा भुगतान, प्रमाण पत्र, बिजली व पेयजल समस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं के लाभ—का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। 1 मई से 10 जून 2026 तक पंचायत और वार्ड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होंगे, जहां आवेदन लिए जाएंगे और अधिकतम एक माह में उनका समाधान किया जाएगा। अभियान के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा तथा वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शिविरों का निरीक्षण करेंगे।
छत्तीसगढ़
प्रतिभाओं को मंच : सुखरीडबरी में आयोजित “प्रयास” मॉक टेस्ट का निरीक्षण
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुखरीडबरी (बागबाहरा) में कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु “प्रयास” मॉक टेस्ट आयोजित किया गया, जिसका निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।