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यात्रा
खुले कपाट : भक्तिभाव और उत्साह के बीच आस्था और श्रद्धा के साथ शुरू हुई चारधाम यात्रा
22 अप्रैल की सुबह केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोल दिए गए, जिससे चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई। इससे पहले भगवान केदारनाथ की डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विभिन्न पड़ावों से होकर गौरीकुंड पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे केदारपुरी क्षेत्र को फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया। भारी भीड़ के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर कुछ जगहों पर जाम और कठिनाइयों की स्थिति भी बनी, जिसके चलते प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था पूरे जोश में बनी रही।
राष्ट्रीय
Ropeway Project: देश का रोपवे हब, 160 किमी में 51 परियोजनाओं पर तेज हुआ काम
Ropeway Project: देश का प्रमुख रोपवे हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य में करीब 160 किमी लंबाई की 51 रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिन पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। देहरादून-मसूरी, यमुनोत्री, पूर्णागिरि, नीलकंठ और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ने की योजना है।
राष्ट्रीय
Monsoon Alert : देश के पश्चिमी हिस्से से गायब हुए बादल, जानिए अगले 5 दिन आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम
मध्यप्रदेश, राजस्थान और आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की कमी बनी रह सकती है। वहीं पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।
दर्शन शुरू : जयकारों से गूंजा केदारनाथ धाम, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
Kedarnath Temple के कपाट आज सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे क्षेत्र में भीड़ बढ़ गई और कुछ स्थानों पर यातायात दबाव देखा गया। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं, जिनमें स्वास्थ्य केंद्र, भोजन, ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं। इस शुभ अवसर पर Pushkar Singh Dhami भी उपस्थित रहे। वहीं Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की कामना की।