"प्रसिद्ध बस्तर दशहरा" के लिए 5 परिणाम मिले
दंतेवाड़ा (दक्षिण बस्तर)
Bastar Dussehra: निभाई गई मगरमुही रस्म, विशाल विजय रथ के निर्माण का अहम पड़ाव
Bastar Dussehra: मगरमुही रस्म विधि-विधान से संपन्न हुई। इस दौरान खाती पुजारी ने पूजा-अर्चना की और पारंपरिक बलि दी गई। यह रस्म आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है। दशकों पुरानी कारीगरी और पारंपरिक औजारों से तैयार होने वाला यह रथ भीतर रैनी और बाहरा रैनी में उपयोग किया जाता है।
राज्य सरकार
Dussehra Festival: काछन गादी पूजा के साथ 75 दिवसीय महापर्व का शुभारंभ
Dussehra Festival: दशहरा का शुभारंभ पारंपरिक काछन गादी पूजा के साथ हुआ। इस दौरान मां काछनदेवी के स्वरूप में कुंवारी कन्या पीहू ने कांटों के झूले पर विराजित होकर 75 दिवसीय महापर्व के आयोजन की अनुमति दी। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में बस्तर राजपरिवार, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
जगदलपुर (बस्तर)
Bastar Dussehra 2026: नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक बस्तर दशहरे की धूम, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, 400 जवान तैनात
Bastar Dussehra 2026: जगदलपुर में 75 दिनों तक चलने वाले विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व को लेकर उत्साह है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 400 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। CCTV कैमरों से भी शहर की निगरानी की जा रही है।
राज्य सरकार
Bastar Dussehra: CM विष्णु देव साय को मिला विश्व प्रसिद्ध पर्व में शामिल होने का न्योता
Bastar Dussehra: बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा 2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार जताते हुए पर्व के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं। लगभग 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा मां दंतेश्वरी की आराधना, जनजातीय परंपराओं और सामूहिक सहभागिता के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है।
रायपुर
राष्ट्रपति भवन में बस्तर की संस्कृति का सम्मान, प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत बना यादगार पल
राष्ट्रपति भवन में बस्तर से पहुंचे जनजातीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आत्मीय स्वागत कर शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट किए। इस दौरान कलाकारों ने बस्तर की लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी, वहीं प्रतिनिधियों ने बदलते बस्तर, शांति और विकास के अनुभव साझा किए।