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संसद में सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर सियासी तूफान, केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, DMK पर तीखी टिप्पणी
लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव जहां सरकार के अनुसार लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में कदम था, वहीं विपक्ष इसे क्षेत्रीय असंतुलन का खतरा मान रहा है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
परिसीमन और आरक्षण : सीटें बढ़ाने का सपना क्यों टूटा, और लोकसभा में कैसे गिरी सरकार की सबसे बड़ी संसदीय बाज़ी, समझिए पूरी कहानी
पूरे घटनाक्रम को अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं है। यह उस जटिल संतुलन का उदाहरण है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक हित एक साथ टकराते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। यह कहा जा सकता है कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह प्रयास संसदीय प्रक्रिया में नहीं रुका, इसने यह भी दिखा दिया कि बड़े संवैधानिक बदलाव बहुमत से ही नहीं, व्यापक सहमति से ही संभव होते हैं।
सियासी टकराव : नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का बिल संसद में अटका , पीएम ने जताया दुख, विपक्ष का पलटवार
यह मामला केवल एक विधेयक के पास या फेल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी, संवैधानिक प्रक्रिया और केंद्र-विपक्ष के रिश्तों को भी उजागर करता है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में 54 वोट से गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका और 54 वोट से गिर गया। 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन और 230 ने विरोध में वोट दिया, जबकि पास होने के लिए 352 वोट जरूरी थे।
हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए, पीएम मोदी ने दी बधाई
हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति लगातार तीसरी बार चुना गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी संतुलित कार्यशैली, सदन में सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की क्षमता और संसदीय चर्चाओं को बेहतर बनाने में उनके योगदान की सराहना की। यह चुनाव महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चल रही बहस के दौरान हुआ। पीएम ने उनके सार्वजनिक जीवन, शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और चंद्रशेखर जयंती से जुड़े प्रतीकात्मक संदर्भों का भी उल्लेख किया।
महिला आरक्षण कानून लागू: 33% सीटों पर महिलाओं का अधिकार, असर 2029 से
महिला आरक्षण अधिनियम-2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी। हालांकि कानून लागू हो चुका है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव जनगणना और परिसीमन के बाद, संभवतः 2029 के चुनाव से दिखाई देगा। यह कदम राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
संसद अपडेट : लोक सभा में महिला आरक्षण समेत तीन विधेयक पेश, परिसीमन पर तकरार के आसार
सरकार ने संसद में तीन विधेयक पेश किए हैं जिनका उद्देश्य महिला आरक्षण कानून को तेजी से लागू करना है। इसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए परिसीमन और जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित है। लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करने की भी योजना है। विपक्ष ने इस पर राजनीतिक लाभ और क्षेत्रीय असंतुलन की आशंका जताई है।