रायपुर के नवकार नगर में इन दिनों धर्म, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। 10 मई से शुरू हुआ अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग रहा है। 15 मई 2026 तक चलने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल होकर पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर रात तक मंत्रोच्चार, भजन, प्रवचन और धार्मिक विधानों की गूंज सुनाई दे रही है।
यह प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का विराट उत्सव बन गया है। आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और धार्मिक ध्वजों से सजा नवकार नगर इन दिनों किसी तीर्थस्थल जैसा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।
अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव
प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल मंगल ध्वनि और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। इसके बाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, शांतिधारा, अभिषेक, हवन, प्रवचन और भक्ति संध्या जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं और धार्मिक वातावरण में स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा महसूस कर रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी भी इस आयोजन में विशेष रूप से देखने को मिल रही है।
साधु-संतों के प्रवचनों से आध्यात्मिक संदेश
महोत्सव में देशभर से आए जैन संत और विद्वान धर्मसभा को संबोधित कर रहे हैं। अपने प्रवचनों में वे अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। संतों ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच धर्म और अध्यात्म ही मनुष्य को सच्ची शांति प्रदान कर सकते हैं। प्रवचनों में युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश भी दिया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में धर्मसभा में शामिल होकर संतों के विचारों को सुन रहे हैं। अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान जैन संतों और धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और मानवता का संदेश दिया। प्रवचनों में कहा गया कि वर्तमान समय में लोगों को अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। संतों ने बताया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में अच्छे विचार, सकारात्मक सोच और सेवा भाव अपनाना ही सच्ची साधना है।प्रवचनों में युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा दी गई। साथ ही समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया गया। संतों ने कहा कि आध्यात्मिकता से ही मनुष्य को मानसिक शांति और जीवन में सही दिशा मिल सकती है।
भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ महोत्सव में भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक नाटिकाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। शाम के समय आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आते हैं।बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजन समिति का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समाज सेवा और सहयोग की मिसाल
महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।समाज के लोगों का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का भी उदाहरण बन गया है। विभिन्न वर्गों के लोग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह
प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दूर-दूर से लोग परिवार सहित नवकार नगर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। लोगों का मानना है कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक मूल्यों और नैतिक चेतना की सबसे अधिक आवश्यकता है।
15 मई तक जारी रहेगा महोत्सव
आयोजन समिति के अनुसार 15 मई तक चलने वाले इस महोत्सव में आने वाले दिनों में भी कई महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दिनों में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और विशाल धार्मिक सभा का आयोजन किया जाएगा।नवकार नगर में चल रहा यह अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव इन दिनों रायपुर शहर में आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धार्मिक वातावरण, भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस महोत्सव को यादगार बना दिया है।
