राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तेंदुकोना क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीम ने कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई करते हुए 14 चालान काटे।
यह कार्रवाई विकासखंड बागबाहरा के तेंदुकोना क्षेत्र में की गई, जहां शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अवैध रूप से तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के मामलों की जांच की गई।
शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में हुई जांच
निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षक अवधेश भारद्वाज ने स्कूलों और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में स्थित दुकानों और सार्वजनिक स्थलों का गहन निरीक्षण किया। जांच में कोटपा एक्ट 2003 के कई प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया। टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर खुलेआम तंबाकू उत्पादों की बिक्री हो रही थी, जबकि कई लोग सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पाए गए। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कुल 14 चालान काटे गए।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई मुख्य रूप से कोटपा एक्ट 2003 की निम्न धाराओं के तहत की गई-
- धारा 04: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध का उल्लंघन
- धारा 06 (अ): नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद की बिक्री और उपयोग पर रोक
- धारा 06 (ब): शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध
इन प्रावधानों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदारों और व्यक्तियों पर चालानी कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और यह कैंसर, हृदय रोग सहित कई घातक बीमारियों का कारण बनता है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर और डीपीएम नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों का सेवन और बिक्री न करें तथा एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग दें।
प्रशासन का संदेश
अधिकारियों ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल सरकारी कार्रवाई से संभव नहीं है, इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। विशेषकर अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को बच्चों को जागरूक करने की दिशा में आगे आना होगा।
